Kitchen Vastu Tips in Hindi | Kitchen Vastu Shastra [Updated 2020]



Vastushastra हमारे जीवन को सही प्रकार से जीने के लिए बहुत आवश्यक है , इसमें हमें अपने घर के अलग - अलग जगहों को सही प्रकार से रखना तथा उनसे मिलने वाले लाभों के बारे में बताया जाता हैं। 

आज के इस लेख में हम Kitchen के बारे में Vastushastra के नियमों के सम्बन्ध में चर्चा करेंगे , जिसकी सहायता से हम अपने किचन को वास्तु अनुकूल बनाकर उससे कई लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 

जैसा की आप जानते है , किचन किसी भी घर का महत्वपूर्ण अंग होता है , यह घर की वह जगह होती है जहाँ घर में रहने वाले लोगो के लिए भोजन पकाया जाता हैं। इसलिए जरुरी है की घर की रसोई सही जगह व वास्तु के नियमों के अनुसार ही बनी हो , जिससे उस घर में रहने वाले लोगों को Kitchen Vastu Dosh का सामना ना करना पढ़े।
 

Kitchen Vastu in Hindi | Kitchen Vastu Shastra:

Kitchen Vastu में हम वास्तु द्वारा बताये किचन सम्बन्धी नियमों के बारे में जानेंगे , किचन वास्तु के अंतर्गत कई चीजें है जिनका ध्यान रखना अति आवश्यक होता हैं। 

आईये उसके सम्बन्ध में विस्तार से जानते हैं। 

1. Kitchen Vastu Direction:

किसी भी किचन का वास्तु करते समय सबसे पहले Kitchen Vastu Direction का ध्यान रखना चाहिए , ये यह सुनिश्चित करता है की किचन घर के किस जोन में बना होना चाहिए। 

वास्तु के अनुसार घर का किचन साउथ-ईस्ट जोन में बना होना चाहिए , ये जोन वास्तु में अग्नि -कोण के नाम से भी जाना जाता हैं अतः यहाँ किचन बनाना बहुत ही लाभदायक होता हैं। 

यदि घर के अग्नि -कोण में किसी कारणवश किचन बनाने के लिए जगह ना हो तो घर के नार्थ-वेस्ट में किचन बनाया जा सकता है , परन्तु ये घर के लिए ना तो किसी प्रकार से लाभदायक होता है और न ही हानिकारक। 

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2. Kitchen Vastu Position:

वास्तु अनुकूल किचन के निर्माण में किचन की पोजीशन का बहुत प्रभाव पड़ता है , Kitchen Vastu Position से हमारा तातपर्य घर में किचन की जगह। किचन की सही जगह घर के वातावरण को अनुकूल रखती है तथा इससे घर में शांति रहती हैं। 

इसलिए ये ध्यान रखना चाहिए की किचन घर के साउथ-ईस्ट या नार्थ-वेस्ट में बना होना चाहिए। 

घर के नार्थ-ईस्ट तथा ब्रह्मस्थान में किचन नहीं बनाना चाहिए , ये बहुत ही हानिकारक होता हैं। जैसा की आप जानते है किचन में अग्नि से सम्बंधित कार्य किया जाता है जोकि ब्रह्मस्थान के लिए निषेध हैं। 

3. Vastu facing for Gas burner in Kitchen:

Vaastu के अनुसार किचन में चूल्हा इस प्रकार से रखा होना चाहिए की जब उस पर खाना बनाया जाये तो ईस्ट या नार्थ दिशा की तरफ मुख हो। परन्तु ये ध्यान रखें की चूल्हे के सामने कोई भी खिड़की नहीं होनी चाहिए। 

यदि चूल्हा इस प्रकार से रखा गया है की खाना बनाने वाली ग्रहणी यदि दक्षिण (South ) दिशा की ओर मुख करके भोजन पकाये ऐसे घर में सदैव बीमारियों का वास रहता है तथा यहाँ रहने वाली महिलाओँ को स्वास्थय सम्बन्धी कई परेशानियों का सामना करना पढता हैं। 

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4. रसोईघर में फ्रिज की स्तिथि :

आजकल के समय में किचन के अंदर फ्रिज होना किचन की एक महत्वपूर्ण जरूरत बन गया हैं , इसलिए जरुरी है की हम किचन में फ्रिज रखने की सही दिशा के बारे में जाने। 

Kitchen के अंदर -ईस्ट साइड में फ्रिज रखना चाहिए , परन्तु किचन वास्तु में फ्रिज का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता हैं।



5. Vastu Tips for Kitchen Sink:



 वास्तुशास्त्र के अनुसार जल से सम्बंधित चीजों के ईशान कोण सबसे उपयुक्त स्थान बताया गया है , अतः किचन के अंदर सिंक ईशान कोण में होना चाहिए। 

यदि बर्तन धोने का स्थान दक्षिण-पश्चिम में हो तो वह घर की महिलाओ में मानसिक तनाव पैदा करता हैं जिनके उपाय के सम्बन्ध में हम आगे चर्चा करेँगे !

रसोईघर में लौहे के बर्तन में खाना बनाना अति उत्तम माना जाता हैं जिससे हमें आयरन की प्रचुर मात्रा प्राप्त होती है जोकि हमारे शरीर के लिए अति आवश्यक होती हैं !


6. रसोईघर में माइक्रोवेव, ओवन और मिक्सर ग्राइंडर:

आज के आधुनिक युग में माइक्रोवेव (Microwave) हर किचन में पाया जाता हैं , इसलिए माइक्रोवेव की जग़ह रसोई में कहा हो इसके लिए जो नियम है उसके अनुसार दक्षिण दिशा में माइक्रोवेव रखना चाहिये !

उसी प्रकार ओवन और मिक्सर ग्राइंडर को भी दक्षिण दिशा में रखना चाहिये। 



रसोईघर में रंग का प्रयोग :


वास्तुशास्त्र टिप्स फॉर किचन में, किचन की दिशा के अनुसार रंग के लिए कुछ नियम दिए गये है:

1. रसोईघर के अंदर रंग (Kitchen Vastu Colour)- 

रसोईघर में रंग निर्धारित करने से पहले , रसोईघर कि दिशा जानना ज्यादा जरुरी है!

जिसके अनुसार यदि Kitchen घर के South -East Zone में बना हो तो वहाँ orange , Red व Grey रंग कराना चाहिये !


2. किचन स्लैब का रंग:

रसोईघर में बनाये जाने वाली स्लैब का रंग किचन में ऊर्जा का प्रवाह नियंत्रित करता हैं , इस;इसलिए रसोईघर का स्लैब काले रंग का नहीं होना चाहिए, इसके लिए उत्तम रंग है- हरा और ब्राउन रंग। 

ये भी पढ़ें: Vastu Direction for Wardrobe in Hindi. 


वास्तुशास्त्र टिप्स फॉर किचन:

किचन वास्तु के सम्बन्ध में बताते हुए हमने ऊपर लेख में किचन के लिए वास्तु में दिए गए मुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला, आगे हम कुछ और टिप्स के बारे में चर्चा करेंगे:

  • रसोईघर में गैस चूल्हा और सिंक एक ही दिशा में नहीं होना चाहिये , यदि ऐसा हो तो इन दोनों के बीच में लकड़ी का टुकड़ा लगा देना चाहिए !
  • यहाँ पर घडी नहीं लगानी चाहिए!
  • वास्तु में किचन के अंदर धार्मिक फोटो लगाना मना है!
  • रसोईघर में बाहर से चप्पल या जूते लाना , यहाँ नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा देता हैं !
  • भारी बर्तन दक्षिण दिशा में रखने चाहिये !
  • यदि आप अपने झूठे बर्तन ऐसे ही छोड़ देते है, तो यह दरिद्रता को बढ़ाता है!
  • किचन में रंगो का चुनाव वास्तु अनुसार करना चाहिए!
  • यदि आप किचन में कोई खिड़की बनाते है तो उसे East Direction में बनाए !
  • रसोई में कभी भी मंदिर नहीं रखना चाहिए!
  • साथ ही ये भी ध्यान रखें की किचन व् टॉयलेट एक दूसरे के सामने न हो!
  • घर में मानसिक तनाव का होना रसोईघर में वास्तु दोष होने के कारण होता हैं ! अतः इसके उपाय के लिये किसी वास्तु सलाहकार से सम्पर्क करें !
  • यहाँ पर हमेशा ध्यान दे की Dustbin ईशान कोण में रखा हो!
  • किचन हमेशा घर में रहने वाली महिलाओं पर ही असर करता है!
  • किचन में स्लैब बनाते समय ध्यान रखें की वह हरे रंग में हो 
  • यदि किचन वास्तु अनुसार न हो तो वहाँ Green बल्ब लगाए!

निष्कर्ष: 

उपरोक्त लेख में हमने किचन वास्तु टिप्स इन हिंदी , किचन वास्तुशास्त्र के बारे में विस्तार से समझा। में आशा करता हूँ की यहाँ दी गई जानकारी आपके लिए लाभकारी होगी। यदि ये लेख आपको अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों व रिश्तेदारों में Share करें। 

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