Vastu for Factory | VastuShastra Factory Remedies 2020

Vastu for Factory ,VastuShastra Factory Remedies 2020 एक ऐसी गाइड है जिसमे हम Factory में वास्तुशास्त्र तथा Remedial Vastu of Factory के बारे में विस्तार से जानेंगे !

Vastu for Factory
Vastu for Factory

जैसा की आप सभी जानते होंगे Factory of Vastu में कई चीजें है जिनको ध्यान में रखकर हम एक Vastu compatible फैक्ट्री का निर्माण कर सकते है!

फैक्ट्री के वास्तु में जानकारी देने से पहले में आपको यह बताना चाहता हूँ कि आगे जो हम Vastu Tips for Factory के बारे में बात करेँगे, वह नई फैक्ट्री का निर्माण करना हो चाहें पहले से चालू फैक्ट्री हो दोनों के संबंघ में होगा !

VastuShastra Factory में Main Gate Placing जाने :

 

फैक्ट्री फॉर वास्तु में सबसे पहले यह देखना चाहिए कि फैक्ट्री में Main Gate किस Zone व किस Direction में लगा हैं ! 

यहाँ में ऐसा सोच सकता हूँ की आप Zone और Direction में Difference करना जानते होंगे , यदि आपको इसके बारे में समझना हो तो आप हमारा Main Door in Vaastu Article पढ़ सकते है!

फैक्ट्री के सम्बन्ध में ये कुछ Direction है जहाँ आप Main Gate बना सकते है:

  1. North Facing फैक्ट्री में Main Gate, North -East की तरफ बनाए !
  2. East Facing फैक्ट्री में North -East में Gate को बनाना अति लाभकारी होता है!
  3. West Facing फैक्ट्री में Gate South -West में बनाए ! West Facing फैक्ट्री वास्तु के अनुसार अच्छी नहीं होती, परन्तु आपके पास अगर पहले से ही West Facing फैक्ट्री है तो उसकी Remedies जरूर कराए !
  4. South Facing में South -West में Main Gate को बनाये ! 
  5. NE Facing फैक्ट्री में Gate NE Direction में ही बनाये !
  6. NW facing फैक्ट्री वास्तु नियमो के अनुसार बहुत खराब Result देती है!
  7. SE facing फैक्ट्री का Gate बनाते समय ध्यान रखे की वह East की तरफ आये !
  8. SW facing में आप Main Gate, South की तरफ बनाये!
नोट: आप ये जरूर ध्यान रखें की फैक्ट्री का Main Gate Center में न आये !

Vastushastra Factory में आकार :

फैक्ट्री बनाते समय या फैक्ट्री लेते समय आप सबसे पहले उसका आकार जरूर check करें , फैक्ट्री के आकार के लिए ये points देखें :

  • Rectangular आकार की फैक्ट्री सबसे अधिक लाभदायक होती है!
  • Square Size बनी फैक्ट्री भी वास्तु के नियमों के अंतर्गत आती है!
  • L-Shape तथा Triangular Shape फैक्ट्री उसके मालिक के लिए बहुत कष्दायक होती है! तथा ऐसी जगह का मालिक जल्द ही Bank Corrupt हो जाता है!

Factory VastuShastra में ब्रहमस्थान :

 Vastushastra  में जो फैक्ट्री के संबंध में नियम बताए गए है उनके अनुसार ब्रहमस्थान को Check जरूर करना चाहिए , यहाँ पर किसी भी प्रकार की कोई Construction और गड्ढ़ा नहीं होना चाहिए!

यदि ब्रहमस्थान में किसी भी प्रकार का कोई दोष हो तो उसे पहले किसी Vastu Consultant से संपर्क कर उसका उपाय करना चाहिए!

नोट: यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि आपको यदि ब्रहमस्थान में कोई दोष ना भी मिले तब भी आपको Center Point Activation जरूर कराना चाहिए!

ब्रह्मस्थान Activation :

ब्रहमस्थान Activation में सबसे पहले Factory की चारो Zone निकालने होते है उसके पश्चात् ये सुनिश्चित किया जाता है की Center Point उस जगह का कहा पर है!
यहॉँ यह समझना अति आवश्यक है की Center Point Activation से हमे क्या लाभ होते है? 

  • जहाँ आप फैक्ट्री बनाने वाले है यदि वहाँ पहले से कोई भूमि दोष होता है तो वह भी Center  Activation कराने से ठीक हो जाता है!
  • Center Activation कराने से वह उस जगह वास्तुपुरुष जी का वास हो जाता हैं , जोकि किसी भी जगह के लिए बहुत जरुरी होता है! 


    वास्तु अनुसार Electric Meter and Generator Placing :

     

    Electric Meter, जैसा की आप जानते है यह फैक्ट्री में अग्नि तत्व के लिए अति आवश्यक है!

    जैसा की वास्तुशास्त्र  में बताया गया है Electric Meter यदि South -East Zone में लगाया जाये तो वह फॅक्टरी के लिए अच्छा होता है!

    Generator फैक्ट्री में लगाना एक अनिवार्य से बात है , ये भी एक ऐसा item है जो गर्मी या ऊर्जा पैदा करता है इसलिए इसके लिए अग्नि-कोण सबसे उत्तम स्थान होता है!


    Bore-Well और Water Tank वास्तु: 

    किसी भी फैक्ट्री में Water सबसे जरुरी होता है, ठीक उसी प्रकार जल तत्वों का सही स्थान पर होना भी उतना ही आवश्यक होता है!

    Bore-well के लिए North -East Zone एक आदर्श स्थान माना जाता है! जैसा की वास्तु शास्त्र में बताया गया है NE zone, Water Zone भी कहलाता है!

    Water  Tank की जगह निर्धारित करने से पूर्व यह ज्ञात करना जरुरी है की आप Underground Water Tank बनाने वाले है या Overhead ?

    यदि आप Underground Water Tank बना रहे है तो उसके लिए NE जोन सबसे अच्छा स्थान है!

    Overhead  Water Tank  बनाते समय यह ध्यान देने वाली बात ह कि ये जहाँ बनाया जायेगा वहा की Height बढ़ा देगा , और NE में Height होना अच्छा नहीं होता!

    इसलिए Overhead Water Tank के लिए NW zone सबसे अच्छी जगह है!  

    Factory Office Placing : 

    फैक्ट्री में ऑफिस बनाने के संबंध में सबसे पहले ये देखना जरुरी है की फैक्ट्री की फेसिंग क्या है!

    यहाँ हम आपको फैक्ट्री में ऑफिस बनाने के लिए आदर्श जगह के बारे में बताएंगे जोकि है- नार्थ-ईस्ट डायरेक्शन !

    ऑफिस में कर्मचारी किस फेसिंग में बैठे व ऑफिस में बाकी सब केसा हो वे जानने के लिए आप हमारा यह article पढ़ सकते है!



    Factory Zone के According Vastu : 

    जैसा की आप जानते ही होंगे की Vastushastra में 4 -Zone होते है! इसके अनुसार चीजों को सही तरीके से रखने पर हम Factory of Vastu सही प्रकार कर सकते है!

    आइये इस Zones के अनुसार Factory Vastu को व्यव्स्तिथ करते है:

    North -East Zone या Water Zone :

    यहां आप ऐसी चीजें करे जो जल से सम्बंधित हो जैसे- वाटर टैंक , गार्डन एरिया , ऑफिस एरिया या खुला स्थान!

    यहाँ आप ऐसा कुछ न करे जो इस Zone की Height को बढ़ा दे!

    आप यहाँ पर Final Product रखें , और आप देखेंगे की वह सामान कभी फैक्ट्री में रुकेगा नहीं !

    North -West Zone :

    इस Zone में आप Overhead Water Tank , Machinery आदि रख सकते है!

    South -West Zone :

    इस Zone में आप Heavy Machinery, Store Room आदि बना सकते है!

    यहां आप fire का work भी कर सकते है!

    South  -East Zone :

    इस Zone में आप Machinery, Boiler व ऐसी चीजे रख सकते है झा आग का काम होता हो!

     मंदिर के लिए स्थान: 

    कारखाने में हमेशा एक मंदिर होता है। यह भगवान के सामने झुककर एक अच्छी शुरुआत मानी जाती है!

    कार्यालय में एक मंदिर पूर्वोत्तर कोने पर बनाया जाना चाहिए, या आप इस तरफ एक छोटा मंदिर भी लटका सकते हैं। 

    मंदिर को नियमित रूप से साफ करें और मंदिर के पास किसी भी अव्यवस्था से बचें। 

    आप दिन को हल्का करने के महत्व के रूप में मंदिर में एक दीपक भी जला सकते हैं।
     
    वास्तु अनुसार पूजा रूम टिप्स:

    शौचालय के लिए प्लेसमेंट: 


    कारखाने के आकार और कर्मचारियों के आधार पर कारखाने में Private  या एक से अधिक शौचालय हो सकते हैं। 

    शौचालय दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में बनाया जाना चाहिए। 

    यदि सेप्टिक टैंक की आवश्यकता होती है, तो इसे उत्तर और उत्तर-पश्चिम के बीच या पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा के बीच रखा जाना चाहिए। 

    Vastu tips for Toilet in Hindi पढ़े :

    Vastu for Small Factory :


    सफल उत्पादन और लाभदायक व्यवसाय सुनिश्चित करता है। उद्योग के लिए वास्तु सलाह व्यापार में समृद्धि के लिए रास्ता पाने में मदद करती है।

     उद्योगों के लिए वास्तु दिशानिर्देशों की स्थापना, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की स्थिति, गार्डरूम की स्थिति, स्टाफ क्वार्टर, पेंट्री, प्रशासनिक क्षेत्र, उद्योग की रंग योजना, कच्चे माल की नियुक्ति और कई अन्य चीजों पर विचार करते समय कई चीजें हैं। 

    कुछ इस प्रकार हैं:
    •    उद्योग या कारखाने का भवन निर्माण भूखंड के दक्षिण-पश्चिम भाग में होना चाहिए
    •     उत्तरी और पूर्वी किनारों पर अधिक खुली जगह रखनी चाहिए
    •     स्थापना के लिए सही जगह वाटर टैंक उत्तर-पूर्व है
    •     कच्चे माल के भंडारण के लिए आदर्श स्थान पश्चिमी भाग में स्थित है
    •     तैयार माल को पैक करके उत्तर-पश्चिम की तरफ रखना चाहिए
    •     प्रशासनिक क्षेत्र के निर्माण के लिए आदर्श स्थान उत्तरी या पूर्वी तरफ है
    •     स्टाफ क्वार्टर के लिए, सही जगह दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में है
    •     लॉन और भूनिर्माण को उत्तर या पूर्व में किया जाना चाहिए

    Vastu for Factory Shed :


    फैक्टरी शेड के लिए वास्तु न्यूनतम प्रयास से अधिकतम उत्पादन उत्पन्न करने में मदद करता है। 

    यह केवल तभी प्राप्त किया जा सकता है जब किसी कारखाने को चलाने में शामिल सभी प्रक्रियाएं सिंक में हों।

    प्रत्येक उद्योग अपने उत्पाद और प्रक्रिया में अद्वितीय है। उत्पादन चक्र में हर एक प्रक्रिया समान रूप से महत्वपूर्ण है। लेकिन विभिन्न उद्योगों के लिए, कुछ प्रक्रियाएं दूसरों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हैं।

    उदाहरण के लिए, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए, उत्पाद का स्वाद और गुणवत्ता पैकेजिंग से अधिक महत्वपूर्ण है।

    दूसरी ओर, एक लक्जरी घड़ी या सहायक उपकरण उद्योग के लिए, डिजाइन और स्टाइल किसी भी अन्य प्रक्रिया की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है।

    इस प्रकार, कारखाने के लिए वास्तु प्रत्येक उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार एक औद्योगिक शेड डिजाइन करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    उदाहरण के लिए, आग के क्षेत्र, यानी दक्षिण-पूर्व को सावधानीपूर्वक औद्योगिक शेड के लिए डिज़ाइन किया जाना चाहिए जो लोहे और स्टील का निर्माण करता है। 

    ऐसा इसलिए है क्योंकि ऐसे उद्योगों के लिए लोहे को गर्म करना और पिघलाना सबसे महत्वपूर्ण गतिविधि है।

    दूसरी ओर, एक औद्योगिक शेड निर्माण दवा में उच्चतम गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए दोष मुक्त पश्चिम और दक्षिण क्षेत्र होना चाहिए।

    इसलिए, वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों को ध्यान में रखना आवश्यक है, जबकि शेड का निर्माण, सीढ़ियों की नियुक्ति, जल निकायों की नियुक्ति, मशीनरी स्थापित करना, माल की आवाजाही की योजना बनाना और उन्हें ग्राहकों को भेजना आदि !
     

    कच्चे माल और तैयार माल का प्लेसमेंट:


    एक कारखाने के सबसे महत्वपूर्ण घटक इसके कच्चे माल और तैयार माल हैं। 

    यह वही है जो कारखाने पर जीवित रहता है। इस प्रकार, उनके प्लेसमेंट को सही ढंग से चुनना महत्वपूर्ण है।

    पश्चिम क्षेत्र को एक कारखाने में सभी कच्चे माल को रखने की सिफारिश की जाती है। वैकल्पिक रूप से, यदि कारखाने के कच्चे माल में बहुत सारे तरल पदार्थ शामिल हैं, तो उन्हें उत्तर या उत्तर पूर्व की ओर रखा जा सकता है।

    तैयार माल की नियुक्ति के लिए, उत्तर पश्चिम सबसे अनुशंसित दिशा है। यह वह दिशा है जो तैयार माल की निरंतर गति और प्रवाह सुनिश्चित करती है। 

    वायव्य-कोन कहे जाने वाले उत्तर पश्चिम में वायु तत्वा या वायु तत्व की ऊर्जाएँ हैं। 

    वायु तत्व की गुणवत्ता निरंतर प्रवाह है, यह दिशा सुनिश्चित करती है कि तैयार माल का एक नियमित प्रवाह और आंदोलन बना रहता है।
     

    निष्कर्ष:


    उपरोक्त लेख यह स्पष्ट करता है कि औद्योगिक वास्तु सिद्धांतों के ज्ञान और अनुप्रयोग के साथ प्रत्येक उद्योग की एक उचित समझ एक कारखाने को लाभकारी रूप से चलाने में एक लंबा रास्ता तय कर सकती है। 

    यहां लाभ का मतलब केवल अधिक उत्पादन नहीं है, इसका मतलब श्रम और मशीनरी से बेहतर उत्पादकता भी है।

    कुछ अनुपात जो उत्पादकता को परिभाषित कर सकते हैं, उनमें पूंजी नियोजित के विरुद्ध उत्पादन, नियोजित प्रत्यक्ष कर्मचारी का उत्पादन, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कार्य का अनुपात आदि शामिल हो सकते हैं।

    कोई भी उद्योग औद्योगिक शेड की स्थापना करते समय वास्तु के सिद्धांतों का विवेकपूर्ण ढंग से पालन करके सफलता प्राप्त कर सकता है।

     

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