Main Door Vastu in Hindi |मुख्यद्वार/ प्रवेश द्वार वास्तु टिप्स [updated 2021]


आजकल के समय में वास्तुशास्त्र का हमारे जीवन में महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है और इसका मुख्य कारण, वास्तुशास्त्र में विज्ञानं का मिश्रण होना।  आज के इस युग में वास्तु दोष सिर्फ किसी इमारत को तोड़कर नई जगह बनाने पर ही सही नहीं होता इसके अपितु इसमें नए -नए उपाय शामिल हो गए है जोकि किसी भी जगह में वास्तु दोष को बहुत ही आसानी से ठीक कर सकते है। 

जब भी हम किसी घर के वास्तु के बारे में सोचते है तो सबसे पहले चीज हमारे दिमाग में जो आती है वह मुख्यद्वार होती है , आईये मुख्यद्वार वास्तु के बारे में विस्तार से समझते है। 

Main Door Vastu in Hindi

Main Door Vastu, मुख्यद्वार वास्तु:

 
किसी भी घर का मुख्य भाग होता है मुख्यद्वार। 

यह घर का वह द्वार होता है जोकि घर में आने या जाने का मुख्य जगह होती है , मुख्यद्वार से ही घर में ऊर्जा का आदान -प्रदान होता है। 

Main Door Vastu में हम आज वास्तुशास्त्र द्वारा मुख्य द्वार बनाने के लिए दिए नियमो का वर्णन करेंगे! इसके बारे में जो सबसे पहली बात दिमाग में आती हैं  वो हैं , मुख्य द्वार व मुख्य द्वार की स्तिथी (Placement of Main Entrance) ! जिसके अनुसार यह हम निश्चित कर सके की कोई भी घर वास्तु अनुसार है की नहीं ?

जैसा की आप जानते है की मुख्य द्वार किसी भी घर के वास्तु में सबसे महत्वपूर्ण होता है! आधुनिक युग में जहाँ इतनी प्रतीस्पर्धा हैं वहां कोई भी ऐसी कला या विज्ञान जिसकी सहायता से हम अपने जीवन में सुख - समृद्वि प्राप्त कर सके, उसका उपयोग करना अति अवश्य हैं ! वास्तुशास्त्र प्राचीन कला है जिसने आज विज्ञानं का रूप ले लिया है जिसके नियमो को अपनाकर हम अपने जीवन में आने वाली बाधाओं को वास्तु की सहायता से दूर कर सकते हैं ! वास्तुशास्त्र भारत में प्राचीन काल से उपयोग में लायी जाने वाली कला हैं , जिसका उपयोग प्राचीन काल से भवन-निर्माण और कई इमारतों के सम्बन्ध  में भी किया गया था !

आज वास्तुशास्त्र में मुख्यद्वार वास्तु के सम्बन्ध में बताये नियमों के बारे में हम विस्तार से जानेंगे। 

Best Things About Vastu Tips For Bedroom | बैडरूम वास्तु गाइड

Main Door Direction Planning :

जब भी हम किसी घर का नक्शा प्लान करते है उसमे सबसे पहले मुख्यद्वार की स्तिथि तथा दिशा का निर्धारण करना जरुरी होता हैं। आगे हम मुख्यद्वार दिशा निर्धारण के सम्बन्ध में जानेगे। 

1. पूर्व दिशा (East Direction):- 

वास्तुशास्त्र के अनुसार किसी भी घर के लिए ईस्ट दिशा में बना मुख्यद्वार सबसे शुभ माना जाता है  इसका कारण यह है की यदि घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में होगा तो सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा बिना किसी रूकावट के सीधे घर में प्रवेश करती है जिससे घर में रहने वाले लोग हमेशा ऊर्जावान महसूस करते हैं !

2 . उत्तर  दिशा (North Direction):- 

किसी भी घर  मुख्यद्वार यदि उत्तर दिशा में बनाया गया है तो यह भी वास्तु के अनुसार बहुत ही फलदायक होता हैं। जैसा की आप जानते ही है नार्थ दिशा में कुबेर जी का वास स्थान होता है और यदि किसी घर का मुख्यद्वार नार्थ दिशा में बना हो तो वहां पैसों की समस्या कभी नहीं होती। 

यदि हम अपने घर का मुख्यद्वार नार्थ दिशा में बनाते है तो ऐसे घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता हैं। 

3 . दक्षिण  दिशा (South  Direction):-

वास्तुशास्त्र के नियमों के अनुसार दक्षिण दिशा में मुख्य द्वार बनाते समय कई बातों का ध्यान रखना जरुरी होता है ! South Direction में मुख्य द्वार बना सकते है यदि अपने घर में बाकि वास्तु नियमों का पालन किया हो! इसी वजह से मुख्यद्वार दक्षिण दिशा में बनाना वास्तु नियमो के विरुद्ध होता है जोकि कई वास्तु दोषों का कारण बनता हैं !

साउथ फेसिंग हाउस वास्तु के लिए हमे वास्तु के सभी नियमों को सही प्रकार से अप्लाई करना जरुरी होता हैं। 

4 . पश्चिम  दिशा (West Direction):- 

वास्तुशास्त्र के अनुसार वेस्ट डायरेक्शन को घर से निकलने वाली गन्दगी के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं। यही कारण है की पश्चिम दिशा से घर में नेगेटिव ऊर्जा (Negative Energy in Vastu) का आगमन है इस लिए पश्चिम दिशा में मुख्य द्वार नहीं बनाना चाहिये!

यदि किसी घर के पश्चिम में मुख्यद्वार पाया जाता है तो वहां निवास करने वाले लोग हमेशा परेशानियों में घिरे रहते हैं। 

5 . उत्तर -पूर्व दिशा (North -East Direction):-

वास्तुशास्त्र में उत्तर -पूर्व दिशा को ईशान कोण (Ishan-Angle) कहा जाता हैं इस दिशा में मुख्य द्वार का होना अति उत्तम फल देता हैं ! ईशान कोण में घर में किये जाने वाले कई महत्वपूर्ण कार्य किये जाते है जैसे पूजा करना , जल सम्बंधित चीजों का प्रयोग आदि !

इस दिशा में बनाये गए मुख्यद्वार की वजह से घर में धन की आवाजाही बनी रहती है और धन सम्बंधित समस्याओ का सामना नहीं करना पड़ता !

6 . दक्षिण -पूर्व दिशा (South  -East Direction):-


इस दिशा में ऐसे कार्य किये जाते है जो आग या अग्नि से सम्बंधित होते हैं जैसे - रसोई घर में गैस की स्तिथी , बिजली मीटर इत्यादि ! 

इस दिशा में मुख्य द्वार बनाना अशुभ होता हैं ! जिन घरों में घर का मुख्य द्वार  दक्षिण-पूर्व दिशा में होता है, उस घर में रहने वाली महिलाये कई प्रकार की बीमारियों से ग्रसित होती है !

7 . दक्षिण -पश्चिम  दिशा (South -West Direction):-

मुख्यद्वार का दक्षिण- पश्चिम दिशा में होना वास्तु के नियमो के अनुसार कष्टदायक होता है ऐसे घर में जहाँ  मुख्यद्वार की स्तिथि दक्षिण- पश्चिम दिशा  में होती है वहाँ धन की समस्या सदा बनी रहती है!

ऐसा कहा जाता है यदि किसी घर का मुख्यद्वार साउथ-वेस्ट दिशा में बना हो तो वहा वंश बढ़ने की समस्या रहती हैं। 
8  . उत्तर  -पश्चिम  दिशा (North -West Direction):-

इस दिशा में मुख्यद्वार बनाने से विभिन्न प्रकार के दोष उत्त्पन्न होते है जैसे- मानसिक तनाव , अकारण शत्रुता और कोर्ट केस इत्यादि !

 

मुख्यद्वार का आकार ( Size of Main Door):


जब भी हम मुख्यद्वार की स्तिथि व उसके दिशा निर्धारण के सम्बन्ध में बात करते है तो जो सबसे जरुरी होता है वह है मुख्यद्वार का आकार ! जिसके सम्बन्ध में  वास्तुशास्त्र में जो नियम दिए गए है उनके अनुसार मुख्यद्वार का आकार घर में बने बाकी दरवाजो से बड़ा होना चाहिए! जिससे की घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हमेशा बना रहे , इसलिए ये आवश्यक है की मुख्यद्वार पर किसी भी प्रकार की बाधा (Obstacle ) नहीं होनी चाहिये !

मुख्यद्वार को विभिन्न प्रकार की वस्तुओं से सजाना चाहिए , यह पर सजावटी लाइटों को लगाना चाहिए जिससे की मुख्यद्वार देखने में ऊर्जावान लगे !

Vastu tips for Toilet in Hindi

मुख्यद्वार का रंग  (Main Door Colour ):


जिस प्रकार मुख्यद्वार की स्तिथि व दिशा निर्धारण करना आवश्यक होता है उसी प्रकार मुख्यद्वार किस रंग का होना चाहिए वह भी बहुत आवश्यक होता है!


1. उत्तर दिशा - Grey , White और Brown !
2. पूर्व दिशा - Red Family व Green!
3.  पश्चिम दिशा - White और Grey !
4.  दक्षिण दिशा - काला व नीला रंग !

Main Door Vastu Remedies :

 यहाँ हम कुछ ऐसे Remedies के बारे में बात करेंगे जिनका उपयोग आप अपने Main Door के वास्तु दोषो को ठीक करने के लिए कर सकते है!

  1. आप अपने मुख्य द्वार पर एक स्वस्तिक जरूर लगाए!
  2. Main Door पर Evil Eye लगाना आपके घर में Negative Energy नहीं आने देता!
  3. घर के मुख्य द्वार पर अच्छी Light जरूर लगायें !
  4. East Facing में Sun Shape लगाए!
  5. South में पञ्च मुखी हनुमान जी लगाए!

उपरोक्त Article में मुख्यद्वार सम्बंधित प्रमुख नियम व ध्यान देने सम्बंधित कई बाते बतायी गयी है जिनका उपयोग कर हम घर बनाते समय या घर खरीदते समय यह निर्धारित केर सकते है की मुख्यद्वार कहाँ  बनाना चाहिये (Where to Place Main Door) ? 

Main Door Vastu Tips:

मुख्यद्वार की दिशा , मुख्यद्वार की स्तिथि तथा मुख्यद्वार के रंग इत्यादि के अतिरिक्त वास्तु में मुख्यद्वार के लिए कुछ वास्तु टिप्स बताये गए है जिनके माध्यम से हम मुख्यद्वार को वास्तु अनुसार बना सकते हैं। 

  • घर के बाकि बने द्वार की अपेक्षा मुख्यद्वार बड़ा बनाना चाहिए। 
  • मुख्यद्वार के बाहर रंगों का चुनाव वास्तु दिशाओं के आधार पर ही करना चाहिए। 
  • हमेशा ध्यान रखें की मुख्यद्वार के बाहर किसी भी प्रकार का अवरोध नहीं होना चाहिए। 
  • किसी भी प्रकार की लाइट मुख्यद्वार के पास जरूर लगानी चाहिए। 
  • प्राकृतिक रूप से सूंदर प्लांट मुख्यद्वार के पास लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता हैं। 
  • कभी भी बीना दिशा चेक किये मुख्यद्वार के बाहर भगवान की फोटो नहीं लगानी चाहिए। 
  • घोड़े की नाल घर मुख्यद्वार के पास लगाना हमेशा शुभ नहीं होता है , इसलिए ध्यान रखें की घोड़े की नाल साउथ फेसिंग घर  लगाये। 
  • यदि मुख्यद्वार के सामने पीपल का पेड़ हो तो उसका उपाय करें। 
 उपरोक्त मुख्यद्वार वास्तु टिप्स को अपनाकर आप मुख्यद्वार वास्तु का लाभ अपने जीवन में ले सकते हैं। 

निष्कर्ष:

मुख्यद्वार दिशा, मुख्यद्वार वास्तु तथा मुख्यद्वार वास्तु टिप्स किसी भी आदर्श Vastu for Home के लिए जरुरी तत्व है इनके प्रयोग से हम Main Door Vastu Dosh से बच सकते हैं। 

इस लेख में दी गयी जानकारी वास्तु सलाहकार रोबिन गोस्वमी द्वारा लिखी गयी है! यदि ये आपको अच्छी लगी तो आप इसे अपने रिश्तेदारों के साथ अवश्य Share करें!

यदि आपका कोई प्रश्न हो तो हमे कमेंट जरूर करें। 






3 comments:

  1. It is true that working with Vaastu in mind provides positive energy. If the house is built according to Vaastu, then there is peace in the house. Definitely I will contact you .

    ReplyDelete
  2. ईशान कोण में मेन गेट का कलर कौन सा होना चाहिए

    ReplyDelete
    Replies
    1. ईशान कोण में बने मुख्यद्वार के लिए सफ़ेद , नीला , ग्रे और ब्राउन रंग करना सबसे अच्छा रंग होता है , इससे मुख्यद्वार से किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का घर में प्रवेश नहीं हो पात।

      Delete

Please do not enter any Spam link in the comment box.

INSTAGRAM FEED

@soratemplates