Vastu tips for Toilet in Hindi वास्तु टिप्स फॉर टॉयलेट इन हिंदी


Vastu tips for Toilet in Hindi

वास्तु टिप्स फॉर टॉयलेट में हम वास्तुशास्त्र के द्वारा Toilet के लिए वास्तु टिप्स के बारे में जानेंगे !जिनके प्रयोग से हम अपने टॉयलेट को वास्तु अनुकूल बना सकते हैं !

यदि शौचालय और बाथरूम वास्तु के नियमो और दिशानिर्देशों के अनुसार नहीं बनाया हो तो वह घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रमुख स्रोत बन जाता हैं !

आगे लेख में हम वास्तु के अनुसार टॉयलेट की जगह और सबसे कुशल वास्तु टिप्स जानेंगे जिन्हें आप अपने घर में शौचालय और बाथरूम बनाते समय प्रयोग कर सकते हैं !

यहाँ, मुझे लगता है कि आप पहले से ही वास्तुशास्त्र के बारे में जानते हैं!

यदि आप नहीं जानते हैं कि वास्तुशास्त्र क्या है, तो मैं आपको इस लेख को पढ़ने की सलाह देता हूँ!

यहां आप जानेगे कि वास्तु क्या है, और कैसे यह आपके जीवन को प्रभावित करता है ?

यदि आप अपने घर में वास्तु करने की योजना बना रहे हैं - जो मुझे लगता है कि आपको करना चाहिए !

तो आपको यह लेख पढ़ना चाहिए इसमें आप जानेंगे  कि कैसे आप अपने घर के लिए वास्तु कर सकते हैं ताकि आपके पास एक वास्तु अनुकूल होम प्राप्त करने की बेहतर योजना हो।

अब, इस लेख के विषय पर वापस आ रहे हैं अर्थात् शौचालय और स्नानघर के लिए वास्तु

वास्तु टिप्स फॉर फ्लैट इन हिंदी पढ़ें !

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Quick Navigation (संक्षेप ):

  • टॉयलेट और बाथरूम !
  • टॉयलेट व बाथरूम में अंतर्!
  • टॉयलेट व बाथरूम वास्तु!
  • बाथरूम टॉयलेट के गलत जगह होने के नुकसान !
  • वास्तु अनुरूप शौचालय व स्नानघर !
  • बाथरूम व टॉयलेट लिए वास्तु टिप्स!
  • कुछ जरुरी टॉयलेट वास्तु टिप्स!
  • Vastu Remedies for Toilet in Hindi (टॉयलेट के लिए उपाय)!
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टॉयलेट और बाथरूम :


टॉयलेट और बाथरूम सभी घरों में पाये जाते है, इसलिए इनका वास्तुशास्त्र में भी महत्वपूर्ण स्थान हैं !

जैसा की आप जानते है, पुराने समय में Toilet घर के बाहर बनाये जाते थे!

परन्तु आज समय और जगह की कमी के कारण टॉयलेट घर के अंदर ही बनाये जाते हैं !

इस कारण इनको वास्तु के नियमो के अनुसार बनाना अति आवश्यक हो जाता हैं !

यहाँ हम आपको यह भी बताना चाहेंगे की Toilet व Bathroom में अंतर् होता है!

जिसके बारे में हम आगे विस्तार से जानेंगे !

टॉयलेट व बाथरूम में अंतर्:


ज्यादा तर मामलों में टॉयलेट व बाथरूम को एक ही मान लिया जाता हैं !

परन्तु टॉयलेट व बाथरूम में एक मह्त्वपूर्ण अंतर् होता है!

टॉयलेट के अंदर Toilet Seat लगी होती है, जबकि बाथरूम का इस्तेमाल नहाने के लिए किया जाता है!

इस वज़ह से इनके स्थान भी वास्तु में अलग-अलग होते हैं !

आइये इनके बारे में आगे जानते है!


लेकिन इससे पहले कि आप आगे कोई कार्रवाई करें, मैं चाहता हूं कि आप इस लेख के अगले भाग से गुजरें, जो आपको अपने घर में शौचालय और स्नानघर के लिए वास्तु का महत्व बताता है।

इसके अलावा, अगला भाग आपको  बाथरूम और शौचालयसे संबंधित सामान्य समस्याओं जो कि नॉन-कंप्लीट बाथरूम और शौचालय से संबंधित हैं!

इसलिए यदि आप अपने जीवन में ऐसी ही परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो आप आसानी से ऐसी परेशानियों का कारण पता कर उनसे छुटकारा पाने के लिए उपयुक्त उपाय कर सकते हैं।

वास्तु अनुसार पूजा रूम पढ़ें !

टॉयलेट और बाथरूम वास्तु :


Vaastu के अनुसार टॉयलेट व बाथरूम के लिए direction बताई गयी हैं !

जैसा की हम पहले बता चुके है की टॉयलेट व बाथरूम में अंतर् होता है!

इसलिए इनके वास्तु नियमों में भी अंतर् होता है!

1. Toilet Direction (टॉयलेट की दिशा):


Vastu Tips for Home के अंतर्गत सबसे जरुरी टॉयलेट का दिशा निर्धारण करना होता है!

वास्तुशास्त्र के अनुसार टॉयलेट को घर के North -West zone  बनाना चाहिए!

यदि दूसरे विकल्प की बात करें तो South -East में टॉयलेट बनाया जा सकता हैं !

परन्तु टॉयलेट में कुछ मुख्य बातों का ध्यान रखना अति आवश्यक होता है जैसे- Toilet Seat की दिशा, टॉयलेट का मुख्य द्वार इत्यादि!

2. बाथरूम की दिशा:

बाथरूम का प्रयोग सिर्फ नहाने के लिए होता हैं ! अतः यहां किसी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा नहीं होती!

वास्तुशास्त्र में बाथरूम को East में बनाना अच्छा माना जाता है!

आप इसे Water Zone , मतलब North -East में कहीं भी बना सकते है!


बाथरूम और टॉयलेट के गलत दिशा में होने से नुकसान:


जैसा की आप उपरोक्त लेख में टॉयलेट व बाथरूम के बारे में पढ़ चुके है!

और आप जानते है, की यह किसी भी घर के वास्तु में मह्त्वपूर्ण भूमिका रखते हैं !


आईये बाथरूम और टॉयलेट के गलत दिशा में होने से आकर्षित समस्याओं के बारे में जानते है जो निम्न प्रकार से हैं :

वित्तीय संबंधी : 

ज्यादा तर मामलों में देखा जाता है की टॉयलेट घर के ईशान कोण में बना होता है!

इससे कमजोर वित्त, विभिन्न माध्यमों से धन की हानि होना तथा घर में हमेशा धन की कमी बनी रहती है!

स्वास्थ्य संबंधी: 

मानसिक तनाव और दुर्घटनाएं होना ! यदि टॉयलेट की स्तिथि घर के उत्तर-पूर्व में हो तो वहाँ मानसिक तनाव की परेशानी बनी रहती हैं !

देखा गया है - कुछ - सामान्य समस्याएं जो शौचालय और बाथरूम में वास्तु दोष के कारण उत्पन्न हो सकती हैं!

अब आप पढ़ने और समझने के लिए तैयार हैं कि आप अपने घर में शौचालय और बाथरूम को कैसे वास्तु अनुकूल बना सकते हैं।


वास्तु अनुरूप शौचालय और स्नानघर:


लेख के इस भाग में हम वास्तु के अनुसार शौचालय बनाने के लिए वास्तुशास्त्र में बताये नियमों के बारे में जानेगे!

एक शौचालय को एक वास्तु अनुसार बनाना एक तीन चरण की प्रक्रिया है।

पहले चरण में, आप वास्तु के अनुसार सर्वश्रेष्ठ स्थान सीखेंगे, जहाँ आप अपने घर में शौचालय या स्नानघर बना सकते हैं।


1. Best Place for Toilet in Hindi (टॉयलेट के लिए स्थान):


Vastu Shastra के अनुसार टॉयलेट बनाने के लिए सबसे अच्छी दिशा है- नार्थ-वेस्ट !

एक शौचालय के लिए दूसरा सबसे अच्छा स्थान होता है- साउथ-ईस्ट दिशा!

अब आप एक वास्तु कंप्लेंट टॉयलेट बनाने के लिए दूसरे चरण के लिए तैयार हैं।

2. टॉयलेट में चीजों की स्तिथी :

दूसरा चरण टॉयलेट  में गीजर, बाथटब, नल, दर्पण, कमोड आदि जैसी वस्तुओं की आंतरिक व्यवस्था की पहचान करना है।

जोकि निम्न प्रकार है:

  • गीजर - दक्षिण दिशा 
  • बाथटब -दक्षिण-पश्चिम दिशा 
  • नल- उत्तर-पूर्व दिशा 
  • दर्पण - उत्तर या पूर्व दीवार पर 
  • कमोड - दक्षिण

अब आप एक वास्तु अनुरूप शौचालय या बाथरूम के लिए सबसे अच्छे वास्तु टिप्स जानने और समझने के लिए तैयार हैं।

वास्तु टिप्स फॉर ड्राइंग रूम इन हिंदी पढ़ें !

बाथरूम और टॉयलेट के लिए वास्तु टिप्स:

  1. वास्तु के अनुसार टॉयलेट के अंदर घडी नहीं लगानी चाहिए!
  2. किसी भी प्रकार की पारिवारिक फोटो टॉयलेट में नहीं लगानी चाहिए!
  3. पानी संबंधी चीजे जैसे Washbasin को टॉयलेट के नार्थ-ईस्ट में लगाना चाहिए!
  4. किसी कमरे के साथ Attached Toilet बनाते समय ध्यान रखें की कमरा साउथ-वेस्ट में बना हो!
  5. शौचालय का निर्माण साउथ-ईस्ट की तरफ भी किया जा सकता है।
  6. पॉट को शौचालय में इस तरह से फिट करें,, कि कमोड का उपयोग करते समय व्यक्ति कभी भी ईस्ट या नार्थ का सामना न करे।
  7. ग्राउंड लेवल से 1-2 फीट ऊंचा टॉयलेट बनाये!
  8. आपके शौचालय का प्रवेश द्वार पूर्व या उत्तर की ओर हो सकता है।
  9. शौचालय के फर्श को पूर्व या उत्तर की ओर ढलान देना चाहिए ताकि पानी इस ओर से निकल जाए।
  10. पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व में पानी, नल आदि को लगाएं ।
  11. शौचालय की दीवारें हल्के रंगो से रंगे !
  12. पूर्व, पश्चिम या उत्तर की दीवार में शौचालय में एक छोटी खिड़की जरूर लगाये !
  13. शौचालय में समुद्री नमक अवश्य रखें !

कुछ जरुरी टॉयलेट टिप्स:

  •      शौचालय के सामने पूजाघर नहीं होना चाहिए !
  •      Vastu Tips for Kitchen के अनुसार रसोईघर और टॉयलेट साथ में नहीं बने होने चाहिए!
  •      ब्रह्मस्थान व उत्तर-पूर्व में  शौचालय बनाने से बचें!    
  •      संलग्न शौचालय साउथ-ईस्ट या साउथ-वेस्ट कॉर्नर से कभी नहीं दिखना चाहिए।
  •      पानी को कभी भी दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व में स्थापित न करें।
  •      शौचालय के दक्षिण में सेप्टिक टैंक से बचें। 

Vastu Remedies for Toilet in Hindi (टॉयलेट के लिए उपाय):


  1. टॉयलेट यदि नार्थ-ईस्ट में बना हो तो वहाँ टॉयलेट के अंदर नार्थ दीवार पर Mirror लगायें !
  2. एक हरे रंग का बल्ब हमेशा जला कर रखें!
  3. समुद्री नमक को रखें!
  4. एक Bambo Plant लगाए!
  5. हमेशा टॉयलेट का दरवाजा बंद रखें!

नोट: यदि टॉयलेट गलत दिशा में बना हो तो उसे इस्तेमाल ना करने की बजाए उसका उपाय कराये! नहीं तो यह घर के लिए बहुत हानिकारक होता है!

मुझे लगता है कि अब आप अपने घर में एक वास्तु अनुसार शौचालय या बाथरूम के महत्व को समझ गए हैं। 

मेरा मानना है कि आप टॉयलेट और बाथरूम के लिए उपरोक्त वास्तु टिप्स का पालन करेंगे!

आपके कीमती समय के लिए धन्यवाद।

आशा है आपको उपरोक्त जानकारी मददगार लगी होगी।

कृपया इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें।


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