Vastu for Mirror in Hindi | Mirror Vastu | दर्पण के लिए वास्तु जानें

वास्तु टिप्स फॉर मिरर , Mirror Vastu, Vastu for Mirror में दर्पण के सम्बन्ध में वास्तुशास्त्र के टिप्स के बारे में जानेंगे।

Vastu for Mirror in Hindi
Vastu for Mirror in Hindi

Vastu Shastra में mirror का बहुत महत्व होता है। और इसका उपाय के लिए भी वास्तु में उपयोग होता है।

वास्तुशास्त्र में कई ऐसी वस्तुएँ है, जिनका प्रयोग वास्तु दोष के उपाय के रूप में भी होता हैं। और इनके सही इस्तेमाल से हम अपने घर में वास्तु दोष को समाप्त कर सकते है।

अपने देखा होगा कुछ लोगो ने अपने घर के मुख्यद्वार पर दर्पण लगाया होता हैं। हमारे मन में ये सवाल आता है, की ऐसा किस कारण किया होगा।

पहले के समय में वास्तुशास्त्र सिर्फ ईमारत के निर्माण में ही इस्तेमाल किया जाता था।

परन्तु धीरे-धीरे वास्तुशास्त्र में भी विज्ञान ने अपना सहयोग देना शुरू किया और उसी के परिणाम स्वरुप वास्तु के अंदर उपायों ने एक स्थान लिया।  जिसे आज हम सब Remedial Vastushastra भी बुलाते हैं।

इसमें कोई भी ईमारत बनने के बाद यदि किसी भी प्रकार का वास्तुदोष पाया जाता है, तो उसका उपाय करना संभव हैं।

इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण सिरा है- दर्पण।

Vastu Tips for Home में दर्पण के प्रयोग के बारे में आगे समझते हैं।


Mirror in Master Bedroom:


Master Bedroom Vastu में mirror या दर्पण के सम्बन्ध में वास्तु नियमों के बारे में बताया गया हैं। 

मुखिया के रूम के अंदर दर्पण इस प्रकार नहीं लगा होना चाहिए, की अपने bed पर सोते समय उस दर्पण में अपना प्रतिबिम्ब दिखे। 

ऐसा होने से उस कमरे में निवास करने वाले Couple के जीवन में आपसी सम्बन्ध अच्छे नहीं रहते। 

परन्तु Toilet की दिशा गलत होने की स्तिथि में दर्पण कहा लगाना है, उसका ध्यान रखना अति आवश्यक हो जाता हैं। 

ये भी पढ़ें:  Vastu Tips for Toilet in Hindi. 


Mirror in Kitchen:


Kitchen Vastu के अनुसार यदि खाना पकाते समय गलत दिशा में मुख हो तो उसके उपाय के लिए भी Mirror का  जाता हैं। 

इससे खाना पकाते समय जो सकारात्मक ऊर्जा मिलनी चाहिए वह अच्छे से प्राप्त हो पाती है। 

mirror vastu  में  किचन सम्बन्धी कई वास्तु दोषो को दूर किया जाता है। 


Mirror Placing for Main Door:


वास्तुशास्त्र में मुख्यद्वार की facing के सम्बन्ध में विस्तार से बताया गया है, और facing का घर की ऊर्जा में बहुत प्रभाव पड़ता हैं। 

इसलिए जरुरी है की हम मुख्यद्वार की दिशा का विशेष ध्यान रखें। 

कई जगह देखा जाता है की मुख्यद्वार की फेसिंग सही नहीं होती इसलिए वहाँ दर्पण के उपयोग से मुख्यद्वार का दोष दूर किया जाता हैं। 

इसके लिए हमे Main Door Vastu को विस्तार से जानना चाहिए। 

ये भी पढ़ें: Main Door in Vastu. 


Mirror Placing for Stairs:


सीढ़ियों की दिशा वास्तु के अनुसार ना होना घर में धन सम्बन्धी समस्या उत्पन्न करता है। और कई जगह ये देखा जाता है की सीढ़ियाँ बनाते समय वास्तुशास्त्र के नियमो की अनदेखी की जाती हैं। 

ऐसा चाहे जगह की कमी के कारण हो या वास्तु दिशा के कारण परन्तु यह घर के सदस्यों को कई कठिनाई प्रदान करता हैं। 

दर्पण को सीढ़ियों के पास सही प्रकार लगाने से सीढ़ियों का वास्तु दोष समाप्त किया जा सकता हैं। 

अतः किसी भी घर को बनाते समय सीढ़ियों का वास्तु जानना अति आवश्यक हो जाता हैं। 


Mirror Placing for Mandir:


किसी भी घर में पूजा घर या मंदिर के लिए सबसे उचित स्थान ईशान कोण व ब्रह्मस्थान बताया गया हैं। 

परन्तु दिशा के आलावा यह भी जरुरी होता है की पूजा करते समय हमारा मुख East की तरफ होना चाहिए यदि ऐसा नहीं होता तो वह मंदिर की ऊर्जा को प्रभावित करता हैं। 

ऐसे में मंदिर के अंदर mirror का प्रयोग Vastu Remedy के तोर पर किया जाता हैं। 

इसके लिए जरुरी है की मंदिर वास्तु को अच्छे से समझा जाये। 

ये भी पढ़ें: Vastu Tips for Pooja Room in Hindi. 


इसके अतिरिक्त कई और जगह तथा कई प्रकार के वास्तु दोषों के लिए Mirror का प्रयोग किया जाता हैं।

यहाँ ये जानना अति आवश्यक है, की दर्पण किसी भी जगह की दिशा बदलने के लिए तथा उस दिशा को बढ़ाने का काम करता हैं। 

यदि वास्तु शास्त्र में आप दर्पण का प्रयोग किसी भी प्रकार के उपाय के लिए कर रहे है तो इसके लिए उस दिशा के बारे में विस्तृत जानकारी होना अति आवश्यक हैं।

नोट: हमेशा ध्यान रखें की दर्पण South Wall पर ना लगा हो साथ ही दर्पण में किसी भी वास्तु दोष का प्रीतिबिम्ब नहीं दिखना चाहिए।

ये भी पढ़ें:




उपरोक्त दी गयी जानकारी यदि आपको अच्छी लगी हो तो इसे अपने मित्रो व रिश्तेदारों के साथ साझा अवश्य करें।



No comments:

Post a Comment

Please do not enter any Spam link in the comment box.

INSTAGRAM FEED

@soratemplates