Toilet Vastu| Vastu for Toilet in Hindi| वास्तु अनुसार टॉयलेट टिप्स और उपाय

Toilet Vastu HindiVastu for ToiletToilet Seat PositionVastu Tips for Bathroom and Toilet in Hindi में हम टॉयलेट से सम्बंधित वास्तुशास्त्र टिप्स के बारे में समझेंगे।


Toilet Vastu Hindi

किसी भी घर के निर्माण में या पहले से बने घर में Toilet Vastu का ध्यान रखना अति आवश्यक होता है, हम जब भी टॉयलेट के बारे में सोचते है तो सबसे पहले हमे इसके वास्तु नियमों के बारे में जानना जरुरी होता हैं।

बाथरूम और टॉयलेट घर के लिए सबसे जरुरी स्थान है, यह घर का वह हिस्सा होता है जहाँ नकारात्मक ऊर्जा होती हैं।

इसलिए आवश्यक है की हम वास्तुशास्त्र द्वारा बताये टॉयलेट सम्बन्धी टिप्स को अच्छे से समझें और उन्हें अपने घर में प्रयोग करें।

ऐसा करने से घर में टॉयलेट दोष से होने वाली परेशानियों से अपने आप को बचाया जा सकता हैं।

यदि हम आज के आधुनिक समय की बात करें तो जरुरी है की हम टॉयलेट वास्तु के नियमों को अच्छे से प्रयोग करें क्योकि आज हम ऐसे समाज में रहते है जहां जगह की समस्या हैं।

इस कारण Attached Toilet की परम्परा चल पड़ी है , हम सभी को अपने बैडरूम के साथ टॉयलेट की आवश्यकता होती है जिस कारण वास्तु के कई नियमों की अनदेखी की जाती हैं।

और इस कारण हम टॉयलेट वास्तु दोष से ग्रसित घर में रहते है जोकि हमारे जीवन पर बहुत बुरा असर डालता हैं।

और बहुत से लोग यह नहीं जानते की टॉयलेट वास्तु दोष हमारे धन, स्वास्थ्य तथा घर की ऊर्जा पर अपना प्रभाव डालता हैं। 



Content:

1. Vastu for Toilet, टॉयलेट के लिए वास्तु। 
2. Toilet Position As Per Vastu, टॉयलेट की जगह वास्तु के अनुसार। 
3. टॉयलेट का निर्माण कहाँ नहीं करना चाहिए ?
    3.1 ब्रह्मस्थान में टॉयलेट। 
    3.2 Toilet under staircase Vastu, सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट।  
4. Toilet Direction As Per Vastu, टॉयलेट की दिशा वास्तु अनुसार। 
5. Toilet Facing As Per Vastu, टॉयलेट की फेसिंग किस ओर होनी चाहिए। 
6. Toilet Seat Direction As Per Vastu, वास्तु अनुसार टॉयलेट सीट की दिशा। 
7. वास्तु अनुसार टॉयलेट में वाशबेसिन की दिशा।
8. टॉयलेट में गीज़र की दिशा, Gyser Direction for Toilet Vastu. 
9. Toilet Colours As Per Vastu, वास्तु के अनुसार टॉयलेट में रंगों का चयन। 
10. Plant for Toilet, टॉयलेट के लिए पौधे। 
    10.1 Bambo Plant in Toilet. 
    10.2 Money Plant in Toilet. 
11. Mirror Position in Toilet, टॉयलेट में दर्पण की दिशा। 
12. Dustbin Position in Toilet, टॉयलेट में कूड़ेदान की दिशा।
13. Toilet in East Vastu Remedies, ईस्ट दिशा टॉयलेट के लिए उपाय।
14. Toilet in North East Vastu Remedies, नार्थ-ईस्ट दिशा टॉयलेट के लिए उपाय।
15. South West Toilet Vastu Remedies, साउथ-वेस्ट के लिए टॉयलेट उपाय।
16. Vastu Tips for Bathroom and Toilet Hindi, टॉयलेट व बाथरूम के लिए वास्तु नुस्खे।
17. निष्कर्ष।




टॉयलेट वास्तु के बारे में विस्तार से आगे लेख में हम समझेंगे इसलिए आप हमारे साथ लेख के अंत तक बने रहें। 


Vastu for Toilet (टॉयलेट के लिए वास्तु ):


वास्तु फॉर टॉयलेट के अंतर्गत टॉयलेट समबन्धी सभी चीजों की जगह व उनके ऊर्जा के बारे में समझाया गया हैं।  जिसके बारे में हम आपको विस्तार से समझाएंगे परन्तु उससे पहले हम वास्तु फॉर टॉयलेट क्या है वह समझते हैं। 

वास्तुशास्त्र में टॉयलेट के लिए स्थान निश्चित किया है , जिससे की यदि हम उस दिशा या जोन में यदि टॉयलेट का निर्माण करते है तो उस घर में टॉयलेट दोष उतपन्न नहीं हो पाता। 

वास्तु फॉर टॉयलेट के अंतर्गत निम्न चीजें है जिनका हमे ध्यान रखना चाहिए। 

Toilet Position As Per Vastu (टॉयलेट की जगह वास्तु के अनुसार ):


Toilet Position As Per Vastu

Toilet Position as per Vastu से हमारा तातपर्य यह है की टॉयलेट हमे घर के किस हिस्से में बनाना चाहिए। 

जिससे की टॉयलेट का हमारी जरूरत के हिसाब से पूरा इस्तेमाल हो पाये , साथ ही यह वास्तु अनुसार भी हो। ऐसा करने के लिए हमे यह समझना चाहिए की हम टॉयलेट का निर्माण घर में कहाँ कर सकते हैं। 

सबसे पहले हमारे लिए जरुरी है की हम घर में रहने वाले लोगो के लिए टॉयलेट निर्माण करें इसके लिए हम टॉयलेट को घर के कॉमन हिस्से में बना सकते है जैसे Drawing Room . 

यहाँ टॉयलेट का निर्माण करने से यह घर के लोगो के लिए तथा मेहमानों के लिए भी इसका प्रयोग आसानी से किया जा सकता हैं। 

दूसरा हम टॉयलेट का निर्माण कमरों के साथ कर सकते है जिससे की यह आसानी से कमरे से ही इस्तेमाल में लाया जा सके। जिसे हम Attached Toilet कहते हैं। 

कुछ ऐसी जगह होती है जहां हमे टॉयलेट का निर्माण नहीं करना चाहिए। 

टॉयलेट का निर्माण कहाँ नहीं करना चाहिए:

वास्तु के अनुसार कुछ घर के अंदर ऐसी जगहें होती है जहां हमे टॉयलेट का निर्माण नहीं करना चाहिए और यदि उन जगहों पर टॉयलेट बना हो तो उसके उपाय करने चाहिए। 

क्योकि ऐसा नहीं होने पर घर में रहने वाले सदस्यों को कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता हैं। 

आईये ऐसी कुछ घर की जगहों के बारे में समझते हैं। 


1. ब्रह्मस्थान में टॉयलेट:


घर के ब्रह्मस्थान में टॉयलेट का निर्माण कभी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से घर का वास्तु पूरी तरह से असंतुलित हो जाता हैं। 

ब्रह्मस्थान घर का सबसे जरुरी हिस्सा होता है और किसी भी घर के वास्तु में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता हैं। 

वास्तु के नियमो के अनुसार यहाँ पर घर में निवास करने वाले वास्तु पुरुष मंडला का पेट होता है और यहां टॉयलेट निर्माण घर की ऊर्जा नकारात्मक कर देता हैं। 


2. Toilet under staircase Vastu (सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट):


सीढ़ियों के लिए वास्तु टिप्स बताये गए है , जिनका अपना स्थान है। कई जगह घरो में देखा जाता है की सीढ़ियों के नीचे बची जगह को इस्तेमाल में लाने के लिए उसके नीचे टॉयलेट का निर्माण कर दिया जाता हैं। 

वास्तु के अनुसार सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट का निर्माण करना वर्जित हैं। ऐसे करने से घर के मुखिया को कोई बड़ी बीमारी हो जाती हैं। 


उपरोक्त दो उदहारण के आलावा भी कई जगह है जहां टॉयलेट नहीं बनाना चाहिए उनके बारे में हम आगे लेख में बात करेंगे। 

Toilet Direction As Per Vastu (टॉयलेट की दिशा वास्तु अनुसार ):


Toilet Direction जानने के लिए हमे सबसे पहले घर की दिशा के बारे में जानना चाहिए। जैसा की आप जानते है वास्तुशास्त्र में 4 मूल दिशाए बताई गयी हैं। 

उनके अनुसार हमे अपने घर को चार ज़ोन्स में बाँट लेना चाहिए। 

ऐसा करने के बाद घर के नार्थ-वेस्ट और साउथ-ईस्ट में टॉयलेट का निर्माण किया जा सकता हैं। 


टॉयलेट बनाने की दिशा निर्धारित करने के बाद जरुरी है की हम , टॉयलेट की फेसिंग , टॉयलेट में सीट की दिशा , टॉयलेट में वाशबेसिन की दिशा, टॉयलेट में गीज़र की दिशा तथा टॉयलेट के रंगो के बारे में भी ध्यान रखें। 

Toilet Facing As Per Vastu (टॉयलेट की फेसिंग किस ओर होनी चाहिए ):


किसी भी घर के अंदर टॉयलेट का निर्माण करते समय हमे टॉयलेट फेसिंग, यानि टॉयलेट का दरवाजा किस ओर लगाए यह सुनिचित करना अति आवश्यक होता हैं। 

ऐसे करने के लिए जरुरी है की हम यह ध्यान रखें की टॉयलेट का द्वारवाजा बाहर की तरफ न खुले तथा यह घर के बाकि स्थान जैसे किचन , मंदिर तथा बैडरूम में बेड के सामने नहीं खुलना चाहिए। 

यदि किसी बैडरूम में टॉयलेट का दरवाजा बेड के सामने खुलता है तो वहां सोने वाले सदस्य को गंभीर बीमारी हो जाती हैं। 

साथ ही यह भी ध्यान रखें की टॉयलेट का दरवाजा घर के मुख्यद्वार तथा कमरे के दरवाजे के सामने ना खुले। 

Toilet Seat Direction As Per Vastu (वास्तु अनुसार टॉयलेट सीट की दिशा ):

Toilet Seat Direction As Per Vastu Hindi


टॉयलेट सीट का दिशा निर्धारण करने के लिए आप ध्यान दे की टॉयलेट सीट साउथ और ईस्ट फेसिंग नहीं होनी चाहिए। 

यदि ऐसा होता है तो टॉयलेट की नकारात्मक ऊर्जा टॉयलेट के बाहर नहीं जा पाती हैं। 

साथ ही यह भी ध्यान देना चाहिए की टॉयलेट सीट टॉयलेट के दरवाजे के सामने ना लगी हो। 

Vastu for Toilet Seat Facing के अंतर्गत टॉयलेट सीट की सही दिशा रखनी अति आवश्यक होती है। 

वास्तु अनुसार टॉयलेट में वाशबेसिन की दिशा:


वास्तु अनुसार टॉयलेट में वाशबेसिन की दिशा

टॉयलेट बनाते समय वाशबेसिन लगाने  जगह  चुनाव सही प्रकार करना चाहिए। वाशबेसिन इस प्रकार लगा हो की यह टॉयलेट के दरवाजे के सामने ना आये। 

वास्तु अनुसार टॉयलेट में वाशबेसिन नार्थ-ईस्ट दिशा में लगाना चाहिए। 

टॉयलेट के अंदर वाशबेसिन एक ऐसा जरिया होता है जहां पानी का प्रयोग होता हैं। वास्तु के अनुसार जल तत्व वाली चीजों के लिए ईशान कोण सबसे उपयुक्त जगह बताई गयी हैं। 

टॉयलेट में गीज़र की दिशा (Gyser Direction for Toilet Vastu ):

टॉयलेट में गीज़र की दिशा

जैसा की हम सभी जानते है टॉयलेट के अंदर गीज़र लगाना हमारी जरूरत है, गीज़र के अंदर पानी गर्म किया जाता है और वास्तु अनुसार गर्म चीजों के लिए साउथ-ईस्ट दिशा सबसे उपयुक्त होती हैं। 

अतः हमे टॉयलेट में गीज़र साउथ-ईस्ट दिशा में लगाना चाहिए। 

साथ ही गीज़र लगाते समय गीज़र के रंग का भी ध्यान रखें यह काला या लाल रंग में नहीं होना चाहिए। 

Toilet Colours As Per Vastu (वास्तु के अनुसार टॉयलेट में रंगों का चयन):


वास्तुशास्त्र में रंगों का बहुत महत्व है और सभी दिशाओं तथा कार्यों के अनुसार रंगो के चयन के बारे में समझाया गया हैं। 

यहां हम टॉयलेट में रंगो के इस्तेमाल के बारे में बात करेंगे। 

टॉयलेट के अंदर सफ़ेद, नीला, ग्रे तथा हरा रंग करना सबसे अच्छा रहता हैं और इससे रंगो का समन्वय रहता हैं। 

Plant for Toilet (टॉयलेट के लिए पौधे ):


किसी भी जगह में पौधे लगाने से वह जगह बहुत ही सुंदर दिखने लगती हैं। 

यदि हम टॉयलेट के अंदर पौधे लगाने के बारे में बात करें तो कुछ पौधे है जोकि टॉयलेट के अंदर लगाए जा सकते हैं। 

1. Bambo Plant in Toilet:



Bambo Plant in Toilet


Bamboo Plant एक ऐसा नेचुरल पौधा है जिसे वास्तु के अनुसार किसी भी दिशा में लगाया जा सकता हैं। 

इसका मुख्य कार्य अपने आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में बदलना होता हैं। 

2. Money Plant in Toilet:

Money Plant in Toilet


वास्तु शास्त्र के अनुसार chinese money plant को टॉयलेट के अंदर लगाया जा सकता हैं , यह टॉयलेट में पञ्च - तत्वों का समन्वय करता हैं। 

इसको टॉयलेट के अंदर साउथ-वेस्ट दिशा में रखना चाहिए। 

Mirror Position in Toilet (टॉयलेट में दर्पण की दिशा ):


Mirror Position in Toilet

Mirror या दर्पण का इस्तेमाल वास्तु में उपाय के लिए भी किया जाता हैं , मिरर लगाने से किसी भी जगह को बढ़ाया जा सकता हैं तथा यह किसी भी चीज़ की दिशा परिवर्तन में भी इस्तेमाल होता हैं। 

वास्तु अनुसार टॉयलेट में शीशा नार्थ या ईस्ट दिवार पर लगाना चाहिए। 

परन्तु यह ध्यान रखें की शीशे में टॉयलेट सीट का प्रतिबिम्ब नहीं दिखना चाहिए। 

Dustbin Position in Toilet (टॉयलेट में कूड़ेदान की दिशा ):



Dustbin Position in Toilet

Dustbin Position in Toilet में हमे यह समझना जरुरी है की टॉयलेट के अंदर कूड़ेदान किस दिशा में रखना चाहिए। 

टॉयलेट के अंदर dustbin को टॉयलेट सीट के पास रखना चाहिए तथा इसे हमेशा कवर करके रखें। 

हमेशा ध्यान रखना चाहिए की दसबीं टॉयलेट के दरवाजे के सामने न रखा हो। 

तथा यह काले रंग का नहीं होना चाहिए। 

किसी भी घर के टॉयलेट वास्तु को सम्पूर्ण वास्तु में परिवर्तित करने के लिए उपरोक्त वास्तु position का इस्तेमाल करना चाहिए। 

आगे लेख में हम विभिन्न दिशाओं में बने टॉयलेट की उपाय बारे में जानेगे। 

Toilet in East Vastu Remedies (ईस्ट दिशा टॉयलेट के लिए उपाय):


ईस्ट दिशा में टॉयलेट बनाना वास्तु के अनुसार नकारात्मक ऊर्जा देता हैं। जैसा की आप जानते  से सूर्य निकलता है और सूर्य से हमे सकारत्मक ऊर्जा मिलती हैं। 

यदि किसी घर के ईस्ट दिशा में टॉयलेट बना होता है तो वहां रहने वाले सदस्यों के बीच आपसी रिश्ते अच्छे नहीं रहते। 

इसके उपाय के लिए जरुरी है की टॉयलेट की वेस्ट दिवार पर पाकुआ मिरर लगाए। 


Toilet in North East Vastu Remedies (नार्थ-ईस्ट दिशा टॉयलेट के लिए उपाय):


वास्तु में नार्थ-ईस्ट दिशा को पूजा करने के लिए उपयुक्त माना गया है, यह घर का वह स्थान होता है जहां हमे सबसे अच्छी ऊर्जा रखनी चाहिए। 

अतः घर ईशान कोण में टॉयलेट का बना होना वास्तु अनुसार वर्जित होता हैं , यह घर की ऊर्जा , धन सम्बन्ध तथा घर के भाग्य के लिए सबसे जरुरी होता हैं। 

यदि किसी घर के ईशान कोण में टॉयलेट बना हो तो इसके उपाय के लिए टॉयलेट के अंदर नार्थ दिवार पर एक शीशा लगाना चाहिए।  साथ ही टॉयलेट के अंदर हरे रंग का बल्ब हमेशा जला कर रखना चाहिए। 

South West Toilet Vastu Remedies (साउथ-वेस्ट के लिए टॉयलेट उपाय):


घर में साउथ-वेस्ट जोन को घर का मुखियां का स्थान बताया गया हैं। यह स्थान घर के मुखियाँ को सीधे प्रभावित करता हैं। 

अतः साउथ-वेस्ट में टॉयलेट बनाना घर के मुखिया को बीमारी देता है। 

इसके उपाय के लिए टॉयलेट के अंदर हरे रंग की क्रिस्टल बाल टॉयलेट के अंदर रखनी चाहिए। 

Vastu Tips for Bathroom and Toilet Hindi (टॉयलेट व बाथरूम के लिए वास्तु नुस्खे):


वास्तुशास्त्र के बताये नियमो के अनुसार टॉयलेट का निर्माण करना एक जटिल कार्य है , परन्तु हम आपको कुछ ऐसे Vastu Tips for Toilet बताने जा रहें है जिनकी सहायता से आपके सम्पूर्ण वास्तु फॉर टॉयलेट सम्बन्धी प्रश्न का उत्तर आपको मिल जायेगा। 

इनको अच्छे से समझें तथा लेख में बताये अनुसार ही इनका प्रयोग करें। 

  • टॉयलेट के अंदर समुद्री नमक एक कटोरी में रखना चाहिए , ऐसे करने से टॉयलेट में नकारात्मक ऊर्जा कम होती हैं। 
  • किसी भी प्रकार की चीजों जैसे कप इत्यादि पर फॅमिली या कपल फोटो नहीं लगानी चाहिए। ऐसा करने से फॅमिली में परेशानियां शुरू हो जाती हैं। 
  • बीम का पिलर के नीचे टॉयलेट सीट नहीं होनी चाहिए। 
  • रंगो का प्रयोग करते समय ध्यान रखें की रंग ज्यादा गाड़े ना हो। 
  • घर में इस्तेमाल की जाने वाली चप्पलो से अलग बाथरूम के लिए चप्पल रखनी चाहिए। 
  • स्टोर रूम को घर के टॉयलेट के साथ या टॉयलेट के अंदर नहीं बनाना चाहिए , ऐसा करना धन के संचय की द्रष्टि से अच्छा नहीं होता। 
  • टॉयलेट की सजावट करते समय ध्यान रखें की artificial flower को टॉयलेट के अंदर न लगाये। 
  • शीशे का प्रयोग करते समय ध्यान दे की टॉयलेट के अंदर साउथ की दिवार पर मिरर न लगाएं। 

निष्कर्ष:

Vastu for Toilet , तथा Toilet Vastu के अनुसार हमे आदर्श टॉयलेट का निर्माण करने के लिए उपयुक्त दिए वास्तु नियमो का उपयोग ध्यान पूर्वक करना चाहिए। 

उपरोक्त लेख में दिए वास्तु नियमो का उपयोग कर तथा वास्तु डायरेक्शन के बारे में समझ कर ही हम टॉयलेट के वास्तु दोष से बच सकते हैं। 

आज के लिए इतना ही, आशा करते है की आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी अच्छी लगी होगी , यदि आपका कोई प्रश्न हो तो आप हमे लेख के अंत में कमेंट कर सकते हैं। 

आपका मित्र वास्तुशास्त्री रोबिन गोस्वामी। 

घर से सम्बंधित वास्तु के लिए पढ़ें:
     
                                                       RESIDENTIAL VASTU                                             


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