Vastu for Water Tank | वाटर टैंक सम्पूर्ण वास्तु हिंदी

Water Tank Vastu ,Vastu for Water Tank in Hindiवाटर टैंक सम्पूर्ण वास्तु में हम घर में वाटर टैंक कहाँ बनाये तथा Overhead Water Tank ओर Underground water tank के बारे में वास्तु नियमों के बारे में समझेंगे। 

Vastu for Water Tank Hindi


किसी भी घर के निर्माण में कई महत्वपूर्ण  चीजे होती है , जिनका घर के वास्तुशास्त्र में अपना स्थान हैं। और उन्ही सभी चीजों के स्थान तथा दिशा निर्धारण से सम्पूर्ण वास्तु का निर्माण होता हैं। 

आज के  लेख में हम जल तत्व से सम्बंधित वाटर टैंक वास्तु के बारे में बात करेंगे। इसके लिए किन- किन बातो का ध्यान रखना चाहिए ये भी जानेंगे। 

जैसा की आप जानते है आजकल घरों  में जरूरत के हिसाब से वाटर टैंक बनाये जाते हैं। जल को इक्खट्ठा करके के रखने से हमारी जल सम्बन्धी सभी जरूरते आसानी से पूरी हो पाती हैं , आजकल के परिवेश जहाँ हम शहरो में रहते है और वहां पानी के लिए हमे सरकार पर निर्भर रहना होता हैं।


Water Tank Vastu (पानी की टंकी का वास्तु ):


वाटर टैंक वास्तु में हम पानी को स्टोर करने व वाटर टैंक की जरूरतों के बारे में जानेंगे। और पानी को हम किस जगह संचित कर सकते है ये भी समझेंगे। 

वाटर टैंक घरो में पानी की हमारी जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाये जाते हैं। इसमें हम घर के किसी हिस्से में पानी को संचित करके रखते हैं। 

जिससे वे हमे पाइपों के द्वारा हमारी जरूरत के हिसाब से मिलता रहता हैं। 

वाटर टैंक के लिए वास्तुशास्त्र में में ईशान कोण दिशा को उपयुक्त माना जाता हैं , जल सम्बंधित चीजों के लिए यह प्रमुख स्थान बताया गया हैं। 

वाटर टैंक दो प्रकार के होते हैं। 

1. Underground Water Tank:

अंडरग्राउंड वाटर टैंक, घर के किसी हिस्से में पानी को संचित कर बनाया जाता हैं। 

इसमें पानी को घर  हिस्से में इस प्रकार से इकठ्ठा करके रखते है जोकि हमारे इस्तेमाल में आता हैं। 

परन्तु इसको कभी भी घर के बाहर नहीं बनाना चाहिए , ऐसा करने से इससे होने वाले फायदे घर में रह रहे लोगो को नहीं मिलते। 

2. Overhead Water Tank:

ओवरहेड वाटर टैंक घर की छत पर बनाया जाता हैं , इसमें हम घर में नहाने , कपडे व बर्तन धोने तथा टॉयलेट में इस्तेमाल के लिए पानी को रखते हैं। 

जैसा की नाम से ही ज्ञात होता है यह टैंक ऊंचाई पर रखें जाते हैं। 

यहाँ ये ध्यान देना अति आवश्यक है की किसी भी जगह जल संचित करते समय वास्तु के नियमों का ध्यान रखना चाहिए , हर एक जगह के लिए वास्तु नियम समान नहीं होते। 

जैसे की घर में स्विमिंग पूल बनाते समय उसके लिए वास्तु नियम भिन्न होते हैं। 

ये भी पढ़ें: वास्तु टिप्स फॉर स्विमिंग पूल। 


घरो के अंदर जल तत्व से सम्बन्धी कई चीजे हैं जिनके वास्तु से घर में ऊर्जा के प्रवाह पर उनका सीधा असर होता हैं।  अतः यह जानना जरुरी है की हर एक जल तत्व से सम्बन्धी चीज का वास्तु नियम क्या हैं। 

परन्तु इस लेख में हम वाटर टैंक वास्तु के बारे में ही जानेंगे। 

वास्तु के अनुसार वाटर टैंक:


वास्तु के अनुसार वाटर टैंक से हमारा तातपर्य वाटर टैंक या टंकी को इस प्रकार से लगाना है की वह वास्तुशास्त्र द्वारा बताये गए नियमो के अनुसार रखी गयी हो। 

यदि वास्तु के नियमों को ध्यान में रखकर वाटर टैंक की जगह घर में सुनिश्चित की जाती है तो ऐसे में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष नहीं होता। 

वास्तु में वाटर टैंक के लिए उसकी जगह , वाटर टैंक की दिशा आदि के बारे में विस्तार से बताया गया हैं। 

आगे लेख  उनकी वाटर टैंक वास्तु नियमो को समझेंगे। 

Underground Water Tank Vastu:


Underground water tank या भूमिगत वाटर टैंक में पानी को जमीन के अंदर टैंक बना कर रखा जाता हैं। 

जोकि  जरूरतों के हिसाब से प्रयोग किया जाता हैं। 

Underground Water Tank घर के ईशान-कोण यानि नार्थ-ईस्ट में बनाना चाहिए। 

इस दिशा में वाटर टैंक बनाने  में कभी पैसो की समस्या नहीं होती। 

जैसा जानते ही है  वास्तुशास्त्रा में जल  के लिए ईशान कोण को सबसे अच्छी जगह बताया गया हैं। 

इसलिए ईशान कोण को वास्तु में वाटर जोन भी बोलै जाता हैं। 


Water Tank का रंग:


वाटर टैंक का रंग वास्तु अनुसार होने से टैंक से सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती हैं , जैसा की आप जानते है वास्तु शास्त्र में रंगो का बहुत महत्व होता हैं , हर एक दिशा के अनुसार रंग अलग अलग प्रयोग किये जाते हैं। 

अतः वास्तु अनुसार वाटर टैंक के लिए ग्रे, नीला व सफ़ेद रंग बताया गया हैं। 

वास्तु के अनुसार दिए जगह पर वाटर टैंक होने से तथा उपरोक्त रंगो का प्रयोग करने से वाटर टैंक किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा नहीं देता। 


नोट: वाटर टैंक के बाहर कभी भी हरा तथा काला रंग नहीं करना चाहिए ऐसा करने से घर में कर्जा बढ़ता हैं।  जिसे की घर में निवास करने वाले लोग पूरी जिंदगी चुकाने में असमर्थ रहते हैं। 

Vastu Tips for Water Tank in Hindi:


वास्तुशास्त्र के बेसिक नियमो के अतिरिक्त कुछ वास्तु नुस्खे भी है जो हमे वाटर टैंक वास्तु में सहायता प्रदान करते हैं। 

उसको समझने के लिए आईये वाटर टैंक वास्तु नुस्खे जानते हैं। 

  1. घर में मुख्यद्वार के पास अंडरग्राउंड वाटर टैंक नहीं बनाना चाहिए। 
  2. ब्रह्मस्थान में वाटर टैंक बना होने से कभी घर में कोई भी कार्य पूरा नहीं हो पाता हैं। 
  3. ओवरहेड वाटर टैंक की ऊँचाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 
  4. लिफ्ट के ऊपर वाटर टैंक बनाना घर के लिए नकारात्मक होता हैं। 
  5. वाटर टैंक के पास अग्नि से सम्बन्धी कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए। 
  6. यदि आकार के बात की जाये तो वाटर टैंक आयताकार होना चाहिए। 

उपरोक्त कुछ वास्तु नुस्खे है जिन्हे हम वाटर टैंक वास्तु में प्रयोग कर सकते हैं। जिनकी मदद से हमे वाटर टैंक की जगह व उसका वास्तु शास्त्र में स्थान के बारे में समझ आता हैं। 

हम आशा करते है की उपरोक्त दी गयी जानकारी आपको अच्छी लगी होगी इसे अपने मित्रो के साथ शेयर करें। 

आपके कीमती समय के लिए धन्यवाद।

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