East Facing House Vastu Plan Hindi [Vastu Guide 2020]

यदि आप वास्तुशास्त्र के बारे में पहले से जानते है और आप East Facing House Vastu Plan के बारे में जानना चाहते है तो आज हम East Direction तथा East Facing House Vastu  के बारे में इस लेख में विस्तार से चर्चा करेंगे। 

East Facing House Vastu Plan Hindi

East direction को हिंदी में पूर्व दिशा कहा जाता हैं , पूर्व दिशा से ही सूर्य उदय होता है जोकि पृथ्वी पर ऊर्जा का मुख्य स्तोत्र माना जाता हैं। 

वास्तु में पूर्व दिशा को बहुत ही ऊर्जावान बताया गया है , यही कारण है की पूर्व मुखी घर बहुत ही अच्छे माने जाते हैं।

पूर्व मुखी घर वास्तु के बारे में जानने से पहले हम East Direction मतलब पूर्व दिशा के बारे में जानेंगे। 

East Direction ( पूर्व दिशा ):

वास्तुशास्त्र में चार मुख्य दिशाओं के बारे में बताया गया है जोकि है - पूर्व , पश्चिम, उत्तर और दक्षिण। ये चारों दिशाए वास्तुशास्त्र के स्तम्भ हैं। 

जिनसे मिलकर सम्पूर्ण वास्तुशास्त्र के नियम बने है , इनके अनुसार ही किसी भी जगह के लिए वास्तु नियम बनाए गए है। 

East Direction के स्वामी भगवान इंद्रा है जिन्हे ऊर्जा का स्वामी भी माना जाता है , सूर्य उदय भी पूर्व दिशा से ही होता है जोकि ऊर्जा का स्तोत्र होता है। 

पूर्व दिशा किसी भी जगह की ऊर्जा तथा उस जगह निवास करने वाले सदस्यों के जीवन की प्रग्रति के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिशा मानी जाती हैं। 


East Facing House Vastu Plan (पूर्व मुखी घर का वास्तु ):

ईस्ट फेसिंग हाउस या पूर्व मुखी घर वास्तु के अनुसार बहुत ही शुभ माना जाता है , इसका मुख्य कारण होता है घर के मुख्यद्वार से सूर्य की किरणों का सुबह के समय सीधे घर में आना जोकि घर में सकारात्मक ऊर्जा भर देता हैं। 

पूर्व मुखी घर का वास्तु प्लान बनाते समय कई बातो का ध्यान रखना अति आवश्यक होता है जिनके बारे में हम आगे लेख में विस्तार से चर्चा करेंगे। 

1. Plot Shape Vastu:

East facing house Vastu Plan बनाते समय प्लाट या घर के shape या आकार के बारे में जानना अति आवश्यक होता हैं। 

वास्तु के अनुसार प्लाट या घर का आकार आयताकार होना चाहिए तथा प्लाट इस तरीके का हो की उसके चार कोने होने चाहिए। 

2. Main Door Placement:

मुख्यद्वार का सही दिशा में होना किसी भी घर के सम्पूर्ण वास्तु के लिए अति महत्वपूर्ण होता हैं। और पूर्व मुखी घर में Main Door Placement सही जगह होने से ही घर की ऊर्जा सकारात्मक रहती हैं। 

East facing house में Main Door नार्थ दिशा की ओर ईस्ट की लाइन पर लगा होना चाहिए। 

इस दिशा में मुख्यद्वार बहुत लाभकारी तथा शुभ होता है , ऐसे घर में सदा आपसी मेलजोल तथा जीवन में खुशियाँ हमेशा बनी रहती हैं। 

घर के बाकि दरवाजों के मुकाबले मुख्यद्वार का आकार बड़ा होना चाहिए तथा मुख्यद्वार के सामने किसी भी प्रकार का अवरोध जैसे पेड़ इत्यादि नहीं होना चाहिए। 

3. Stairs Placement:

पूर्व मुखी घर में सीढ़ियां साउथ ईस्ट जोन में बनानी चाहिए तथा ये ध्यान रखें की सीढ़ियों के नीचे कोई समान नहीं रखना चाहिए। 

घर में गलत जगह सीढ़ियां नहीं बनानी चाहिए , सीढ़ियों का वास्तु दोष घर के मुखिया पर अपना दुष्प्रभाहव दिखाता हैं। 

सीढ़ियों को इस प्रकार  बनाये की वह Clockwise हो तथा उनकी संख्या सम होनी चाहिए। 

4. Living Room or Drawing Room Position and Vastu:

लिविंग रूम वास्तु किसी भी घर के वास्तु को और अधिक लाभदायक बना देता हैं। ये घर का वह स्थान होता है जहां मेहमान आकर बैठते है तथा परिवार के लोग भी यहां साथ बैठकर अपना समय बिताते हैं। 

वास्तु के अनुसार पूर्व मुखी घर में लिविंग या ड्राइंग रूम नार्थईस्ट दिशा में बनाना चाहिए। 

लिविंग रूम के अंदर हरा , बैगनी व पीला रंग ईस्ट फेसिंग घरों के वास्तु के हिसाब से बहुत अच्छा होता हैं। 

5. Toilet and Bathroom Placement:

East facing house Vastu में हमे टॉयलेट व बाथरूम की प्लेसमेंट का बहुत ध्यान रखना चाहिए , टॉयलेट को नार्थवेस्ट या साउथवेस्ट में बनाना चाहिए। 

घर में टॉयलेट की दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योकि गलत जगह टॉयलेट बने होने से घर में धन की समस्या पैदा होती हैं। 

टॉयलेट व बाथरूम की सही दिशा घर में वास्तु दोष का संतुलन बनाये रखती है ऐसा होने से घर में नकारत्मक ऊर्जा नहीं रहती। 

6. Master Bedroom Placement:

वास्तु के अनुसार बैडरूम व कमरे बनाना बहुत ही आवश्यक होता है , क्योकि बैडरूम में हम अपना बहुत समय बिताते है जिससे बैडरूम की ऊर्जा हमारे मन पर प्रभाव डालती हैं। 

Master Bedroom बनाते समय ध्यान रखें की East facing house में बैडरूम साउथवेस्ट दिशा में बनाना चाहिए। 

तथा मास्टर बैडरूम वास्तु द्वारा बताये सभी नियमों का भी विस्तार से पालन करना चाहिए। 

7. Children Room Position:

पूर्व मुखी घर में बच्चों का कमरा नार्थवेस्ट दिशा में बनाना चाहिए ऐसा करने से कमरे में बच्चो का मन लगा रहता हैं। 
साथ ही ध्यान रखना चाहिए की बच्चे सोते समय ईस्ट दिशा में सर रखकर सोये। जिससे उन्हें नींद अच्छी आती हैं। 

Children Room में यदि स्टडी टेबल रखनी हो तो वह कमरे के नार्थईस्ट में रखनी चाहिए तथा बच्चे का पढ़ाई करते समय मुख ईस्ट या नार्थ में होना चाहिए। 

स्टडी टेबल के ऊपर सरस्वती जी की प्रतिमा जरूर रखनी चाहिए। 

Vastu for East facing House:

वास्तु फॉर ईस्ट फेसिंग हाउस से हमारा तत्प्रेत्य ईस्ट फेसिंग घर के लिए वास्तुशास्त्र द्वारा नियमों के बारे में विस्तार से समझना हैं। 

उपरोक्त लेख में हमने कुछ जरुरी जगहों की सही दिशा के बारे में समझा , आगे हम कुछ और जरुरी वास्तु नुस्खों के बारे में जानेंगे। 

1. East Facing House Water Placement:

घर में पानी का सही जगह होना घर में पैसो के लिए सीधे जिम्मेदार होता हैं , यदि घर के नार्थईस्ट में जिसे वास्तु में water zone कहा जाता है , पानी का स्तोत्र वहा लगाया जाये तो जितना पानी वहा से इस्तेमाल किया जाता है उतना ही घर में धन आता हैं। 

East facing house Vastu Plan में पानी से सम्बंधित सभी चीजें जैसे - Water Borewell , under ground water Tank इत्यादि Water Zone में बनाने चाहिए। 

तथा ध्यान रखें की वाटर जोन में कोई भी आग से सम्बंधित कार्य न किया जाये , ऐसा करने से घर में आपसी झगडे बढ़ने लगते हैं। 

वाटर जोन में हरे रंग का इस्तेमाल अवश्य करना चाहिए और हो सके तो वहां बगीचा बनाना चाहिए। 


2. East Facing House Fire Element Placement:

घर में आग से सम्बंधित चीजें जैसे Electric Meter तथा Kitchen इत्यादि को Fire Zone यानि साउथ ईस्ट जोन में बनाना चाहिए। 

पूर्व मुखी घर में वास्तु प्लानिंग करते समय ध्यान रखें की किचन को वास्तु अनुसार ईस्ट लाइन  बनवाना चाहिए। 

खाना पकाते समय मुख ईस्ट की ओर होना चाहिए , ऐसा होने  बरकत बनी रहती हैं। 

किचन स्लैब में काले रंग का पत्थर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए , इसके लिए हरा , सफ़ेद या ब्राउन रंग का पत्थर ज्यादा लाभदायक होता हैं। 

3.ब्रह्मस्थान: 

घर में ब्रह्मस्थान का विशेष महत्व होता है, यदि किसी घर  ब्रह्मस्थान खुला होता है या वहां मंदिर बना होता है तो उस घर में सदा खुशहाली अपने चरम पर रहती हैं। 

वास्तु पुरुष जी का पेट जहां होता है उस भाग को घर का ब्रह्मस्थान माना जाता हैं। 

Pooja Room Vastu for east facing house:

ईस्ट फेसिंग हाउस वास्तु में पूजा रूम को ईशान कोण यानि नार्थईस्ट जोन में बनाना चाहिए , तथा ये इस प्रकार से हो की पूजा करते समय मुख ईस्ट दिशा की तरफ हो। 

पूजा रूम सही दिशा में होने से हमे भगवान के साथ वास्तु से भी सकारत्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती हैं। 

हमेशा ध्यान रखें की पूजा रूम टॉयलेट की दिवार के साथ न बना हो , तथा आमने सामने न बना हो। 

निष्कर्ष:

East Facing House Vastu Plan में हमने Vastu for East facing House  में विस्तार से जाना तथा East Direction की भी चर्चा की। 

इससे यही समझ आता है की East facing house Vastu में हमे कई नियमो ध्यान रखना चाहिए। 

पूर्व मुखी घर का वास्तु आसानी से हो पाता है यही कारण है की ईस्ट फेसिंग घरो को शुभ माना जाता हैं। 


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