Vastu Consultant Delhi NCR | Vastu Consultancy [Complete Guide 2021]

 

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Vastu Consultant?

इस नाम को हम सभी ने कई बार सुना होगा, शायद अपने कही पढ़ा होगा परन्तु इसके बारे में आप ज्यादा कुछ नहीं जानते होंगे। आजकल वास्तु कंसलटेंट काफी प्रचलित हो रहे है इसका मुख्य कारण वास्तुशास्त्र में नई -नई चीजों का आना। जैसे ही किसी भी चीज में उन्नति होती है वैसे ही उसके बारे में जानने के लिए लोगो के मन में उत्सुकता भी बढ़ती हैं। परन्तु वह सिर्फ यह समझते है की जो वास्तुशास्त्र के बारे  में जानता है वो वास्तु कंसलटेंट कहलाता है परन्तु दोस्तों यह इससे भी ज्यादा होता हैं। 

आज हम वास्तु कंसलटेंट और वास्तु कंसल्टेंसी के बारे में विस्तार से जानेंगे जिसकी मदद से आप अपने घर या किसी भी जगह जब वास्तु चेक कराए तो उसका पूरा लाभ आपको मिल सके। 

वास्तु कंसलटेंट:

वास्तु कंसलटेंट, वास्तुशास्त्र के विषय में जानकरी रखने तथा किसी भी जगह में पाये जाने वाले वास्तु दोषों का उपाय बिना किसी तोड़फोड़ के करने वाले व्यक्ति को कहा जाता हैं। इनको वास्तु के बारे में सभी नियमो के बारे में जानकरी होती है तथा यह वास्तु के बेसिक नियमों के आधार पर किसी भी प्रॉपर्टी से वास्तु दोष समाप्त कर सकते हैं। 

इसके लिए वास्तु कंसलटेंट को उस जगह का नक्शा   उस जगह की दिशा इत्यादि के बारे में विस्तार से अध्यन करना होता है उसके बाद ही किसी भी जगह पर वास्तु उपाय किए जा सकते हैं। और उपाय करने के लिए किन वस्तुओ का इस्तेमाल किस जगह करना होता है यह भी सुनिश्चित करना वास्तु कंसलटेंट  कार्य होता हैं। इसके लिए वास्तु कंसलटेंट उस जगह का नक्शा बनाकर उसे 16 -direction  के आधार पर उसका अध्यन करते है इससे उन्हें जगह के वास्तु दोष तथा उनके उपाय के विषय में ज्ञात होता हैं। 

Vastu Consultant


यहाँ में आपको अपने सम्बन्ध में बताना चाहूँगा में Vastu Consultant Robin Goswami स्वं एक वास्तु कंसलटेंट हूँ, में पिछले 12 वर्षो से वास्तुशास्त्र का अध्यन कर रहा हूँ साथ ही मेने इस दौरान 5000 से भी ज्यादा लोगो के यहाँ अपनी वास्तु सेवाएं दी हैं। इस दौरान मेने विभिन्न प्रकार के वास्तु दोष तथा उनके उपायों के सम्बन्ध में जाना और समझा हैं। 


किसी भी जगह के वास्तु दोष को ज्ञात करने के लिए किसी भी वास्तु कंसलटेंट को निम्न वस्तुओं की आवश्यकता होती हैं:

1. घर का नक्शा। 
2. घर के लोगो की लिस्ट। 
3. घर के लोगो के वास्तु प्रश्न। 

1. घर का नक्शा:

किसी भी जगह के वास्तु चेक के लिए सबसे जरुरी उस जगह या घर का नक्शा होता है इसकी मदद से घर के सम्बन्ध में सभी जगहों इत्यादि के बारे में ज्ञात होता है की कौनसी चीज सही है या गलत।  उसी आधार पर वास्तु कंसलटेंट अपनी सूझबूझ व अपने अनुभव से उस वास्तु दोष का उपाय करते हैं। इसके लिए वास्तु कंसलटेंट उस घर के नक़्शे को 16 दिशाओं में विभाजित कर हर एक दिशा को वास्तु अनुसार चेक करते है यदि किसी भी दिशा में कोई वास्तु दोष पाया जाता हैं तो उसे वास्तु उपायों की मदद से ठीक किया जाता हैं। 

घर का नक्शा या मकान का नक्शा कैसे बनाये इसके सम्बन्ध में आप हमारा लेख पढ़ सकते है इसमें हमने विस्तार से सभी वास्तु नियमों के बारे में चर्चा की है जिसकी मदद से आप किसी भी घर का नक्शा वास्तु अनुसार बना सकते हैं। 

2. घर के लोगो की लिस्ट:

घर में निवास करने वाले लोगो के बारे में जानकरी के माध्यम से वास्तु कंसलटेंट उस घर को उन लोगो और जगह के अनुसार व्यवस्तिथ करते है। जैसा की आप जानते ही है सभी लोगो व घर में विभिन्न कार्यो के लिए वास्तुशास्त्र अलग -अलग स्थान बताये गए हैं। परन्तु बिना घर  में रहने वाले लोगो की जानकारी के किसी भी घर या जगह का वास्तु करना बहुत ही कठिन कार्य हो जाता हैं। 

मेरे खुद के वास्तु करियर में कई बार ये प्रश्न मुझसे पूछा जाता था की वास्तु करने के लिए मुझे किन -किन चीजों की आवश्यकता होगी ? इसलिए मेने सोचा क्यों ना में इस प्रश्न का उत्तर विस्तार से दूँ। 


3. घर के लोगो के वास्तु प्रश्न:

यदि आप अपने घर का वास्तु चेक कराना चाहते है और इसके लिए आपने यदि किसी वास्तु कंसलटेंट को बुलाया है तो जरुरी है की आप अपने प्रश्नों की एक लिस्ट बना ले और वो सभी प्रश्नो का उत्तर आप विजिट के अंत में जरूर लें। 

ऐसा करने से आप वास्तु कंसल्टेंसी का भरपूर फायदा ले सकते हैं। इससे वास्तु कंसलटेंट को भी वास्तु उपाय करने में सहायता होती है और वह घर वालो की परेशानियों के अनुसार वास्तु उपाय कर सकते हैं।  

इसके अतिरिक्त कुछ पॉइंट्स है जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए जब आप अपने यहाँ Vastu Visit कराए:

  • आप जिस भी जगह का वास्तु कराना चाहते है उसका एक नक्शा जरूर रखे साथ ही उस में देख ले की उसमे दिशाएँ दर्शाइ गयी हो, साथ ही मकान के नक़्शे का खुद भी अध्यन कर ले जिससे की जब वास्तु कंसलटेंट आपको आपके घर के बारे में बताये तो आप अच्छे से समझ पाये। 
  • आप अपने प्रश्नों व परेशानियों की एक लिस्ट बना ले जिससे की वास्तु कंसलटेंट को उपाय करने में आसानी हो। 
  • घर के सभी जगहों से सम्बंधित थोड़ा बहुत वास्तु के बारे में जरूर समझ ले ताकि आप अपने वास्तु प्रश्नों के बारे में जान सके। 
  • जब वास्तु कंसलटेंट आपको किसी भी जगह या वास्तु दोष के बारे में आपको समझाए तो उनसे इसके पीछे के कारण अवश्य पूछें। 
  • वास्तु रेमेडी कराते समय ये भी समझे की कौनसा समान किस कार्य के लिए है साथ ही क्या रेमेडी की गयी हैं। 
  • अपने घर में की गयी रेमेडीज  में विस्तार से समझें। 
  • घर की वास्तु रेमेडियल फाइल को अच्छे से समझ लें। 
  • Vastu Consultancy के हर  सप्ताह बाद फाइल के माध्यम से चेक करें की सभी उपाय अपनी सही जगह हैं। 
उपरोक्त बताए बिन्दुओ की सहायता से आप वास्तु कंसल्टेंसी का पूरा फायदा उठा सकते है , जिससे आप वास्तुशास्त्र का भरपूर फायदा ले सकते हैं। 


Vastu Consultancy:

किसी भी जगह को वास्तुशास्त्र के अनुसार बनाना या पहले से बनी जगह को वास्तु कंसलटेंट द्वारा चेक कराने की प्रक्रिया को वास्तु कंसल्टेंसी कहा जाता हैं। वास्तु कंसलटेंट जब आपके घर आकर कुछ यंत्रो इत्यादि के माध्यम से चेक करते है की वास्तु के नियमों के अनुसार बनी हुई जगह है की नहीं।  और यदि उस जगह में किसी भी प्रकार का कोई वास्तु दोष है तो उसे किस प्रकार वास्तु उपायों के द्वारा बिना किसी तोड़फोड़ के सही किया जा सकता हैं। 

यहाँ हम यह बताना चाहेंगे की बहुत से लोग अपने घर इत्यादि में वास्तु कंसलटेंट को बुला कर सिर्फ यह सुनिश्चित करते है की क्या गलत है और क्या सही। और वह किसी भी प्रकार का उपाय नहीं कराते, उसे वास्तु कंसलटेंट द्वारा फर्स्ट विजिट कहा जाता है न की वास्तु कंसल्टेंसी। 

First Visit Vastu Consultancy:

जब भी कोई वास्तु कंसलटेंट किसी जगह का पहली बार वास्तु चेक करता है तो उसे फर्स्ट विजिट इन वास्तु कंसल्टेंसी कहा जाता हैं , इसमें सिर्फ वास्तु कंसलटेंट द्वारा यह समझाया जाता है की विजिट की गयी जगह में वास्तु अनुसार क्या सही व क्या गलत हैं। 

फर्स्ट विजिट किसी भी जगह के लिए बहुत ही आवश्यक होती है क्योकि इसी में वास्तु कंसलटेंट उस जगह के बारे में विस्तार से समझते है और उस जगह रहने वालों को भी जगह के बारे में समझाते हैं। 

यदि आप किसी भी जगह का वास्तु कराना चाहते है तो मेरा सुझाव है की आप फर्स्ट विजिट का पूरा फायदा लें , इसके लिए निम्न बातों का ध्यान रखें। 

  • अपने घर की सभी दिशाओं के बारे में वास्तु कंसलटेंट से विस्तार से समझें। 
  • पहले से ही अपनी परेशानी न बताये अपितु विजिट के अंत में अपने प्रश्नों को वास्तु कंसलटेंट के सामने रखें, क्योंकि ज्यादा तर आपके प्रश्नों का उत्तर वह पहले ही दे देते हैं। 
  • अपने पास पेन व पेपर रखें और उस पर वास्तु कंसलटेंट द्वारा बताई बातो को लिखते रहे और जब वास्तु कंसलटेंट आपके यहां से चले जाए तो उन लिस्ट को एक बार पढ़ें। 
  • वास्तु कंसलटेंट द्वारा बताये दोषो के आधार के बारे में पूछे तथा समझे ऐसा करने से आप जब वास्तु उपाय कराएंगे तो आपको उपायों व जगह के बारे में पूरी जानकारी रहेगी। 
  • थोड़ा सा रिसर्च पहले से करके रखें जिससे की आप सही प्रश्न पूछ पाए। 
उपरोक्त बिन्दुओ की सहायता से आप फर्स्ट विजिट का पूरा फायदा ले सकते है और आप अपनी जगह को वास्तु के द्रिष्टटीकोंण से समझ सकते हैं। 

निष्कर्ष: 

उपरोक्त लेख में हमने वास्तु कंसलटेंट, वास्तु कंसल्टेंसी तथा उससे सम्बंधित प्रश्नो के बारे में जाना और यह भी समझा की किस प्रकार हमे वास्तु विजिट का भरपूर फायदा उढ़ा पाये। वास्तु कंसलटेंट तथा वास्तु कंसल्टेंसी के बारे में हमे ज्यादा पता नहीं होता है और यही मुख्य कारण होता है जिसकी वजह से हम वास्तु कंसल्टेंसी कराना ही नहीं चाहते हैं। 

यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करें , जिससे की वह भी अपने जीवन को खुशनुमा बना सके। यदि आपका कोई प्रश्न हो तो हमे कमेंट करें। 

यदि आप अपने घर का वास्तु या किसी भी जगह का वास्तु चेक कराना चाहते है तो हमसे सम्पर्क करें, इस लेख के माध्यम से यदि आप हमे कांटेक्ट करते है तो हम आपको फर्स्ट विजिट में 10 % का डिस्काउंट देंगे। 

आपके कीमती समय के लिए धन्यवाद। 


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