Vastu Tips in Hindi | Easy Vastu Tips for Home [Complete Guide]

आजकल के समय में आप सभी ने वास्तुशास्त्र के बारे में सुना होगा तथा इसे अपने जीवन में इस्तेमाल भी किया होगा , हम सभी के लिए वास्तु या वास्तुशास्त्र अलग -अलग महत्व रखता हैं। वास्तुशास्त्र के बारे में जितना समझा या जाना जाये उतना ही कम हैं , परन्तु इसे सरल भाषा में समझे तो -

"वास्तुशास्त्र हमारे रहन -सहन तथा हमारी आसपास की ऊर्जा व वातावरण को रहने योग्य बनाने की कला है इसमें हमे अपने रहने के निवास के बारे में नियमों को समझाया गया है जिनकी सहायता से हम एक सुखी जीवन व्यतीत कर सकते हैं। "


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प्राचीन काल से कई इमारतों इत्यादि में इसका वर्णन मिलता है, वास्तुशास्त्र के नियमों के उपयोग से किसी भी जगह को रहने योग्य बनाया जा सकता हैं। आजकल के आधुनिक युग में वास्तु का उपयोग बहुत अधिक बढ़ गया हैं। अब वास्तु सिर्फ एक कला नहीं अपितु विज्ञानं के रूप में परिवर्तित हो गया हैं। इसके नियम तथा उपाय पहले से और अधिक कारगर हो गए हैं। 

Table of Content:

1. Vastu Tips in Hindi. 
1.1 Vastu Tips for Main Door in Hindi. 
1.2 Vastu Tips for Stairs in Hindi.
1.3 Vastu Tips for Drawing Room in Hindi.
1.4 Vastu Tips for Children's Room in Hindi.
1.5 Vastu Tips for Master Bedroom in Hindi.
1.6 Vastu Tips for Kitchen in Hindi.
1.7 Vastu Tips for Toilet in Hindi.
1.8 Vastu Tips for Mandir in Hindi.
1.9 Vastu Tips for Balcony in Hindi.
1.10 Vastu Tips for Store Room in Hindi.
1.11  Vastu Tips for Locker Room in Hindi.
1.12  Vastu Tips for Brahmashtan in Hindi.
2. Easy Vastu Tips for Home.
3. निष्कर्ष। 





हमने अपने कई लेखो में वास्तु के विभन्न नियमो के भिन्न -भिन्न जगहों के अनुसार उपयोग के बारे में विस्तार से चर्चा की है , परन्तु आज के इस लेख में हम घर से सम्बंधित वास्तु टिप्स के बारे में जानेंगे।  

1.Vastu Tips in Hindi:

आज हम इस लेख में घर की विभन्न जगहों के अनुसार Vastu Tips in Hindi के बारे में विस्तार से जानेंगे। 

1.1 Vastu Tips for Main Door in Hindi:

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  • घर का मुख्यद्वार नार्थ, ईस्ट या साउथ फेसिंग होना चाहिए , इससे घर में वास्तु नियमो को अपनाने में सहायता मिलती हैं। 
  • मुख्यद्वार के सामने किसी भी प्रकार का अवरोध नहीं होना चाहिए , जैसे कोई दीवार या पेड़ इत्यादि।  ऐसा होने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं हो पाता हैं। 
  • किसी भी घर का मुख्यद्वार बाकि बने दरवाजो से आकार में बड़ा होना चाहिए। 
  • प्लास्टिक इत्यादि का मुख्यद्वार घर  नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है इसलिए लोहे या लकड़ी से बना मुख्यद्वार वास्तु अनुसार सबसे अच्छा माना जाता हैं। 
  • रंगों के चयन के समय ध्यान रखें की मुख्यद्वार पर उसकी दिशा के अनुसार रंग कराया गया हो , काला रंग का इस्तेमाल मुख्यद्वार पर नहीं होना चाहिए। 
  • पीपल  का पेड़ मुख्यद्वार के सामने नहीं होना चाहिए , ऐसा होने पर घर में हमेशा बीमारी लगी रहती हैं। 
  • यदि आप अपने मुख्यद्वार के पास प्राकर्तिक पौधे लगाते है तो इससे घर में रहने वाले लोगो के आपसी सम्बन्ध अच्छे होते हैं। 
  • स्वस्तिक का चिंह नार्थ या ईस्ट फेसिंग मुख्यद्वार पर ही लगाना चाहिए , यदि मुख्यद्वार की फेसिंग साउथ हो तो वहा स्वस्तिक नहीं लगाना चाहिए। 
  • घोड़े की नाल मुख्यद्वार पर लगाना शुभ माना जाता है , परन्तु यह नार्थ फेसिंग मुख्यद्वार पर ही लगानी चाहिए। 
  • हमेशा ध्यान रखें की मुख्यद्वार के पास उजाला होना चाहिए , यदि मुख्यद्वार के पास अँधेरा रहता है तो वह घर में धन की समस्या पैदा करता हैं। 
  • यदि मुख्यद्वार को ऊँचा बनाया जाये तो वह वास्तु के अनुसार अच्छा माना जाता हैं। 
यदि आप Main Door Vastu के बारे में विस्तार से जानना चाहते है तो हमारा लेख अवश्य पढ़ें इसमें हमने मुख्यद्वार वास्तु सम्बन्धी सभी नियमों के बारे में विस्तार से चर्चा की हैं। 

1.2 Vastu Tips for Stairs in Hindi:

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किसी भी घर में सीढ़ियों का दिशा निर्धारण करना घर के वास्तु के लिए बहुत ही जरुरी होता हैं। वास्तुशास्त्र में सीढ़ियों के लिए नार्थ-वेस्ट , साउथ-ईस्ट तथा वेस्ट दिशा सबसे उपयुक्त बताई गयी हैं। इन दिशाओं में बनाई गयी सीढ़ियों से घर में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष उतपन्न नहीं होता हैं। 

परन्तु जरुरी है की वास्तु फॉर स्टैर्स को ध्यान पूर्वक अपनाया जाये और साथ ही नीचे दिए Vastu Tips for Stairs को सीढ़ियां बनाते समय उपयोग में लाया जाए। 

  • घर के नार्थ -वेस्ट तथा साउथ -ईस्ट में ही सीढ़ियों का निर्माण करना चाहिए। 
  • सीढ़ियों को Clockwise direction में बनाना चाहिए इससे घर में ऊर्जा प्रवाह संतुलित रहता हैं। 
  • कभी भी घर के ब्रह्मस्थान में सीढ़ियों का निर्माण नहीं करना चाहिए, ऐसा होने पर घर के मुखियाँ की अचानक मौत हो जाती हैं। 
  • यदि घर के ईशान कोण में सीढ़ियाँ बनाई गयी है तो इनका Vastu Consultant के द्वारा उपाय कराना चाहिए , क्योकि ईशान कोण में बनी सीढ़ियाँ घर में दरिद्रता लाती हैं। 
  • स्टोर रूम का निर्माण सीढ़ियों के नीचे  नहीं करना चाहिए। 
  • मंदिर को कभी भी सीढ़ियों के नीचे नहीं बनाना चाहिए, यदि ऐसा किसी घर में किया गया हो तो वहा से मंदिर तुरंत हटा देना चाहिए। 
  • जूते -चप्पल रखने की जगह आप सीढ़ियों के नीचे बना सकते है परन्तु यह खुली नहीं होनी चाहिए। 
  • रंगो के चयन के समय ध्यान रखें की सीढ़ियों पर लाल, नीला तथा काला रंग इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। 
  • किसी भी कमरे के सामने यदि घर की सीढ़ियां बनी हो तो वह वास्तु दोष होता हैं। 
  • बेसमेंट इत्यादि के लिए अलग से सीढ़ियां बनानी चाहिए , घर की मुख्य सीढ़ियां बेसमेंट से नहीं आनी चाहिए।
वास्तुशास्त्र के अनुसार घर की सीढ़ियां सीधे तोर पर घर के मुखियाँ पर अपना असर डालती है , इसलिए Stairs Vastu का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

1.3 Vastu Tips for Drawing Room in Hindi:

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Drawing Room किसी भी घर का वह स्थान होता है जहां कोई भी मेहमान इत्यादि घर में आकर बेढ़ता है साथ ही यहां परिवार के सभी सदस्य आपस में समय व्यतीत करते हैं। इसलिए घर में ड्राइंग रूम वास्तु का बहुत महत्व होता हैं , आईये इसके बारे में विस्तार से समझते हैं। 

  • वास्तुशास्त्र के अनुसार घर का ड्राइंग रूम ईशान कोण तथा नार्थ -वेस्ट दिशा में बना होना चाहिए। 
  • मुख्यद्वार के सामने ड्राइंग रूम का दरवाजा नहीं होना चाहिए। 
  • ड्राइंग रूम के साउथ तथा वेस्ट दिशा में भारी सोफे इत्यादि डालने चाहिए। 
  • लिविंग रूम के नार्थ -ईस्ट में कोई भी भारी सामान नहीं रखना चाहिए। 
  • वाटर फाउंटेन को ड्राइंग रूम के नार्थ -ईस्ट कोने में लगाने से घर का माहौल अच्छा रहता हैं। 
  • फॅमिली फोटो यदि आप ड्राइंग रूम में लगाना चाहते हैं तो इसे नार्थ या ईस्ट दीवार पर लगाना चाहिए। 
  • फिश एक्वेरियम को लिविंग रूम के ईशान कोण में लगाना चाहिए। 
  • रंगों के चयन करते समय ध्यान रखें की येलो , पर्पल इत्यादि रंगो का उपयोग ड्राइंग रूम के लिए बहुत ही लाभदायक होता हैं। 
  • बम्बो का पौधा लिविंग रूम में रखने से वहाँ की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती हैं। 
  • घर के ड्राइंग रूम में तुलसी का पौधा नहीं लगाना चाहिए। 
  • मनी प्लांट को ड्राइंग रूम में लगाने से घर में धन सम्बन्धी समस्या समाप्त हो जाती हैं। 
हमेशा ध्यान रखें जब भी आप ड्राइंग रूम वास्तु अपनाए तो कोई भी दिशा नहीं छूटनी चाहिए , साथ ही ऊपर दिए Drawing Room Vastu Tips in Hindi को अपनाकर आप एक आदर्श ड्राइंग रूम का निर्माण कर सकते हैं। 

1.4 Vastu Tips for Children's Room in Hindi:


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Children Room या बच्चों का कमरा किस दिशा में तथा घर के किस हिस्से में बनाना चाहिए , ये हम सभी का मुख्य प्रश्नं होता हैं। क्योकि बच्चों का कमरा यदि घर में सही जगह बनाया गया हो तो वहां किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा बच्चो को नहीं मिलती है जिससे घर के बच्चे स्वस्थ रहते हैं। 

इसलिए जरुरी है की हमें बच्चों के कमरे का निर्माण वास्तु के अनुसार करना चाहिए, इसके लिए हमे सभी वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए। 

  • Children Room को घर के नार्थ या ईस्ट में ही बनाना चाहिए , वास्तु के अनुसार यह दिशा चलायमान या Active मानी जाती हैं। 
  • रंगो का उपयोग करते समय ध्यान रखें की येलो , ब्लू तथा पर्पल रंग सबसे अच्छा काम करता हैं। 
  • बच्चों को सोते समय सर ईस्ट या नार्थ दिशा में करना चाहिए, ऐसा करने से बच्चों को नींद अच्छी आती हैं। 
  • यदि बच्चों के कमरे में आप स्टडी टेबल लगाना चाहते है तो वह ईस्ट या नार्थ फेसिंग होनी चाहिए , जिसके अनुसार बच्चा पढ़ाई करते समय ईस्ट या नार्थ दिशा की ओर मुँह करें। 
  • स्टडी टेबल के ऊपर एक लैंप जरूर लगाना चाहिए इससे पढ़ाई करते समय कॉन्सेंट्रेशन बना रहता हैं। 
  • चिल्ड्रन रूम में सीधे बेड के सामने टॉयलेट का दरवाजा नहीं खुलना चाहिए। 
  • हमेशा ध्यान रखें की कमरे के अंदर कम से कम समान रखा हो। 
  • कभी भी बच्चो का कमरा साउथ -ईस्ट में नहीं बनाना चाहिए , ऐसा होने पर बच्चा हमेशा गुस्से में रहता हैं। 
  • सरस्वती जी की प्रतिमा स्टडी टेबल पर जरूर लगानी चाहिए। 
Vastu Tips for Children Room में हमने Children Room सम्बन्धी सभी वास्तु नियमों के बारे में विस्तार से चर्चा की , इनकी मदद से आप बच्चो के कमरे को सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं। 

1.5. Vastu Tips for Master Bedroom in Hindi:

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वास्तुशास्त्र में घर के मुखियाँ का कमरा किस प्रकार बनाना चाहिए तथा इसके लिए विस्तार से वास्तु नियमों के बारे में समझाया गया हैं। किसी भी घर को चलाने वाला उस घर का मुखियाँ होता है और यदि किसी भी घर में Master bedroom यदि वास्तु अनुसार न बनाया गया हो तो वहा के मुखियाँ को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। 

आज हम Master Bedroom Vastu से सम्बंधित वास्तु टिप्स के बारे में विस्तार से जानेंगे जिनकी सहायता से किसी भी बैडरूम को एक आदर्श मास्टर बैडरूम में परिवर्तित किया जा सकता हैं। 

  • घर के मुखिया का कमरा घर के साउथ -वेस्ट दिशा में बनाना चाहिए। 
  • किसी भी हालत में मास्टर बैडरूम को ईशान कोण में नहीं बनाना चाहिए , ऐसा होने पर मुखियाँ का घर में निवास करने वाले लोगो पर कोई प्रभाव नहीं होता हैं। 
  • मास्टर बैडरूम का निर्माण कभी भी घर के ब्रह्मस्थान में नहीं करना चाहिए। 
  • बेड की दिशा इस प्रकार से होनी चाहिए की बेड पर सोते समय सर साउथ या वेस्ट दिशा में होना चाहिए। 
  • टॉयलेट का दरवाजा सीधे बेड के सामने नहीं खुलना चाहिए। ऐसा होने पर घर के मुखियाँ को सदा बीमारियों का सामना करना पड़ता हैं। 
  • कभी भी Master Bedroom में भगवान की फोटो आदि नहीं लगानी चाहिए। 
  • यदि मास्टर बैडरूम में शीशा लगाया गया है तो वह इस प्रकार से होना चाहिए की शीशे के सामने बेड न रखा हो वरना मुखियाँ के सम्बन्ध बाहर हो जाते हैं। 
  • फॅमिली फोटो को कभी भी मास्टर बैडरूम में नहीं लगाना चाहिए। 
  • हमेशा अपने बेड के सिरहाने पर एक Couple Photo लगानी चाहिए , इससे पति -पत्नी के आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं। 
  • मास्टर बैडरूम के साउथ या वेस्ट में कोई भी खिड़की नहीं होनी चाहिए। 
  • फाउंटेन या फिश एक्वेरियम मास्टर बैडरूम में नहीं रखना चाहिए। 
  • यदि आप घड़ी लगाना चाहते है तो वह ईस्ट या नार्थ की दीवार पर ही लगानी चाहिए। 
मास्टर बैडरूम वास्तु टिप्स हमें अपने बैडरूम को वास्तु अनुसार बनाने में मदद करते हैं , आप इनकी सहायता से अपने मास्टर बैडरूम को सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं। 

1.6 Vastu Tips for Kitchen in Hindi:

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Kitchen Vastu, किसी भी घर के लिए बहुत ही आवश्यक होता है , क्योकि घर का किचन सीधे महिलाओँ पर अपना अच्छा या बुरा प्रभाव डालता हैं। हमने अपने पहले के लेखों में किचन वास्तु के सम्बन्ध में बहुत विस्तार से समझाया हैं। आज के इस लेख में हम वास्तु  टिप्स फॉर किचन के बारे में जानेंगे। 

  • वास्तुशास्त्र के अनुसार घर का किचन साउथ -ईस्ट दिशा में बनाना चाहिए , साउथ -ईस्ट दिशा को फायर जोन भी कहा जाता है, इसलिए आग से सम्बंधित कामों को फायर जोन में करना चाहिए। 
  • किचन के अंदर गैस या चूल्हा इस प्रकार से रखना चाहिए की खाना बनाते समय ईस्ट दिशा की तरफ मुँह हो। 
  • सिंक हमेशा किचन के नार्थ -ईस्ट में बनाना चाहिए। 
  • कभी भी सिंक और गैस एक दूसरे के सामने या एक लाइन में नहीं होने चाहिए। 
  • यदि आप किचन में कोई खिड़की देना चाहते है तो वह ईस्ट या नार्थ दिशा में बनानी चाहिए। 
  • माइक्रोवेव ओवन इत्यादि इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स किचन के साउथ ईस्ट में रखनी चाहिए। 
  • किचन के सामने टॉयलेट नहीं होना चाहिए। 
  • रेफ्रीजिरेटर या फ्रिज को किचन में सही प्रकार रखना चाहिए। 
  • घड़ी कभी भी किचन में नहीं लगानी चाहिए , ऐसा करने से आपका समय खराब होता हैं। 
  • खाना बनाने का चूल्हा किसी भी बीम के नीचे नहीं रखना चाहिए। 
किचन वास्तु टिप्स से सम्बंधित ऊपर हमने कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओ के बारे में समझाया हैं , इनकी मदद से आप किचन वास्तु को अच्छे से अप्लाई कर सकते हैं। 

1.7 Vastu Tips for Toilet in Hindi:

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आजकल के समय में टॉयलेट वास्तु बहुत ही आवश्यक हो गया है इसका मुख्य कारण घरों में कम जगह का होना। पहले के समय में टॉयलेट घर से बाहर बनाए जाते थे। परन्तु आज अटैच्ड टॉयलेट का जमाना हैं। इसलिए टॉयलेट को वास्तु अनुसार बनाना बहुत  जरुरी हैं। आगे हम टॉयलेट वास्तु टिप्स के बारे में जानेंगे जिनकी सहायता से आप अपने टॉयलेट को वास्तु अनुसार बना सकते हैं। 

  • टॉयलेट का निर्माण करते समय यह ध्यान रखना चाहिए की वह घर के मुख्यद्वार के सामने नहीं बना होना चाहिए। 
  • वाश बेसिन को टॉयलेट के नार्थ या ईस्ट में लगाना चाहिए। 
  • टॉयलेट सीट को नार्थ या ईस्ट फेसिंग लगाना चाहिए। 
  • वास्तु के अनुसार टॉयलेट बनाने के लिए नार्थ वेस्ट या वेस्ट दिशा सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं। 
  • किचन के सामने या किचन के साथ टॉयलेट नहीं बनाना चाहिए। 
  • मंदिर के सामने भी टॉयलेट का निर्माण नहीं करना चाहिए। 
  • ब्रह्मस्थान में कभी भी टॉयलेट नहीं होना चाहिए , ऐसा होने पर घर के मुखियाँ की अचानक मृत्यु होने का खतरा रहता हैं। 
  • किसी भी सदस्य की फोटो टॉयलेट में नहीं लगानी चाहिए। 
  • सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट का निर्माण नहीं करना चाहिए। 
  • बम्बो प्लांट टॉयलेट के अंदर लगाने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती हैं। 
  • घड़ी यदि टॉयलेट के अंदर लगी हो तो वह बुरे समय को आकर्षित करती हैं। 
  • वाशिंग मशीन टॉयलेट के साउथ ईस्ट में रख सकते हैं। 
उपरोक्त टॉयलेट वास्तु टिप्स की मदद से आप अपने टॉयलेट का निर्माण वास्तु अनुसार कर सकते हैं। 

1.8 Vastu Tips for Mandir in Hindi:


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किसी भी घर में मंदिर या पूजा रूम वह स्थान होता है जहा सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा पायी जाती है , इसलिए जरुरी है की हमे मंदिर में ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए जिससे मंदिर की ऊर्जा नकारत्मक हो जाये। 

किसी भी मंदिर में नकारात्मक ऊर्जा होने का मुख्य कारण वास्तु दोष होता हैं , इसलिए आज हम Mandir Vastu या पूजा रूम वास्तु टिप्स के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे जिसकी सहायता से आप अपने मंदिर में किसी भी वास्तु दोष को आसानी से ठीक कर सकते हैं। 

  • वास्तुशास्त्र में मंदिर या पूजा रूम निर्माण के लिए सबसे उपयुक्त स्थान नार्थ -ईस्ट जोन बताया गया है , इस स्थान में मंदिर बनाने से घर में हमेशा सकारत्मक ऊर्जा बनी रहती हैं। 
  • पहले के समय में पूजा का स्थान घर के आंगन में होता था , यदि आप ब्रह्मस्थान में मंदिर लगाते है तो वह घर में सुख शांति को बनाए रखने में सहायक होता हैं। 
  • मंदिर के अंदर लाल कपडे का प्रयोग करना चाहिए तथा जो भी भगवान अपने रखे हो उन्हें लाल कपडे पर रखे ऐसा करने से मंदिर की ऊर्जा पुरे घर में रहती हैं। 
  • टॉयलेट या किचन की दीवार पर मंदिर नहीं बनाना चाहिए। 
  • बालकनी या छत पर मंदिर बनाने से घर में मंदिर के फायदे नहीं मिलते है , इसलिए मंदिर हमेशा घर के अंदर ही बनाए। 
  • किसी भी पिलर या बीम के नीचे मंदिर नहीं बनाना चाहिए। 
  • भगवान की मूर्ति इत्यादि रखते समय ध्यान रखें की एक भगवान ही एक से अधिक प्रतिमा नहीं होनी चाहिए। 
  • पूजा करते समय आपका मुख नार्थ या ईस्ट की ओर होने से आपको सूर्य तथा मंदिर दोनों से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती हैं। 
  • श्री यन्त्र मंदिर में स्थापित जरूर करना चाहिए। 
  • सिर्फ लाल रंग की लाइट मंदिर में लगाना ही वास्तु अनुसार लाभकारी होता हैं। 
पूजा रूम वास्तु टिप्स किसी भी मंदिर को वास्तु अनुसार बनाने तथा वास्तु दोष को दूर करने में सहायक होते है अतः ऊपर दिए वास्तु टिप्स को अपनाकर आप भी अपने घर में मंदिर रखने की सही दिशा इत्यादि के बारे में समझ सकते हैं। 

1.9 Vastu Tips for Balcony in Hindi:

आजकल के समय में जहा ज्यादा तर लोग फ्लैट्स में रहते है वहा बालकनी वास्तु बहुत ही आवश्यक होता है , जैसा की आप जानते है गलत दिशा में बालकनी होना वास्तु दोष होता है और इससे घर में नकारत्मक ऊर्जा का निवास रहता हैं , इसलिए वास्तुशास्त्र में बालकनी बनाने की दिशा तथा Balcony Vastu Tips के बारे में विस्तार से बताया गया हैं। 

आज हम वास्तु टिप्स फॉर बालकनी के बारे में समझेंगे। 

  • बालकनी वास्तु के अनुसार घर के नार्थ या ईस्ट दिशा में ही बालकनी होनी चाहिए। 
  • घर के साउथ या वेस्ट में यदि बालकनी बनी है तो उसका उपाय करायें। 
  • नार्थ या ईस्ट बालकनी में प्राकृतिक पौधे लगाने से घर में सुख समृद्धि आती हैं। 
  • साउथ बालकनी में तुलसी का पौधा लगाने से वस्तु दोष में कमी आती हैं। 
  • कभी भी बालकनी को कवर करके घर में नहीं मिलाना चाहिए, ऐसा करने से घर की प्रग्रति में कमी आती हैं। 
  • बालकनी में कभी भी भारी सामान नहीं रखना चाहिए। 
वास्तु टिप्स फॉर बालकनी के अंतर्गत हमने बालकनी वास्तु के बारे में सभी बिंदुओं के बारे में जानने की कोशिश की , इनकी मदद से आप बालकनी दोष को समाप्त कर सकते हैं। 


1.10 Vastu Tips for Store Room in Hindi:

Store Room किसी भी घर में बना वह स्थान या कमरा होता है , जहाँ हम घर में कम इस्तेमाल में आने वाली वस्तुओँ को रखते है। आज के इस लेख में हम वास्तु टिप्स फॉर स्टोर रूम के बारे में विस्तार से जानेंगे। 

  • स्टोर रूम को घर के नार्थ वेस्ट या साउथ दिशा में बनाना चाहिए। 
  • हमेशा ध्यान रखें की शाम के समय स्टोर रूम में लाइट ऑन करें। 
  • घर के मुख कमरों से स्टोर रूम सीधे अटैच नहीं होना चाहिए , ऐसा होने पर घर में बीमारी बढ़ती हैं। 
  • यदि स्टोर रूम को छत पर बनाया गया है तो वह साउथ या वेस्ट में बना होना चाहिए। 
  • रंगो के चयन के समय ध्यान रखें की स्टोर रूम में गहरे रंग कराए। 

1.11  Vastu Tips for Locker Room in Hindi:

Locker Room घर में पैसे रखने के लिए प्रयोग में लाया जाता है , इसलिए आवश्यक है की लाकर रूम को वास्तु के नियमों के अनुसार रखा जाए , आज हम उन्ही वास्तु टिप्स फॉर लाकर रूम के बारे में समझेंगे। 

  • वास्तु के अनुसार लाकर रूम को घर के साउथ -वेस्ट में बनाना चाहिए। 
  • लाकर रूम हमेशा नार्थ या ईस्ट दिशा की ओर खुलना चाहिए। 
  • मिरर को लाकर रूम के अंदर इस प्रकार से लगाना चाहिए की उसमे पैसों का प्रतिबिम्ब दिखें। 
  • हमेशा ध्यान रखें की लाकर रूम के अंदर पैसों के अलावा cheque book या कोई जरुरी कागज न रखें। 
  • लाल कपड़े के ऊपर पैसे रखें तथा किसी बेग में न रखें। 
  • मोर का पंख लाकर में रखने से पैसो की समस्या समाप्त हो जाती हैं। 
उपरोक्त वास्तु नियमो की मदद से आप अपने लाकर की सही स्तिथि आदि के बारे में समझ गए होंगे , इनकी सहायता से आप धन की समस्या को ठीक कर सकते हैं। 

1.12  Vastu Tips for Brahmashtan in Hindi:

किसी भी घर का ब्रह्मस्थान वह जगह होती है जो वास्तु के अनुसार घर के मुखियाँ पर अपना सीधा प्रभाव डालती हैं। इसलिए जरुरी है की ब्रह्मस्थान को वास्तु अनुसार ही होना चाहिए। 

आईये वास्तु टिप्स फॉर ब्रह्मस्थान के बारे में सभी बिन्दुओ को समझते है जिनकी सहायता से हम वास्तु दोष से अपने घर को बचा सकते हैं। 

  • वास्तुशास्त्र के अनुसार ब्रह्मस्थान को खाली तथा खुला रखना चाहिए। 
  • किसी भी प्रकार का निर्माण ब्रह्मस्थान दोष उतपन्न करता है इसलिए ध्यान रखें की यहा कोई भी निर्माण नहीं कराना चाहिए। 
  • यदि इस जगह मंदिर बनाया जाये तो वह घर को सकारत्मक ऊर्जा से भर देता हैं। 
  • टॉयलेट इत्यादि ब्रह्मस्थान में नहीं होने चाहिए यदि ऐसा हो तो उसका उपाय करना चाहिए। 


2. Easy Vastu Tips for Home:


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Easy Vastu Tips for Home में हम वास्तुशास्त्र से सम्बंधित जरुरी वास्तु टिप्स के बारे में समझेंगे जोकि किसी भी घर  बहुत ज्यादा प्रभाव डालते हैं। 

  1. घर के बाहर के रंगों के चुनाव के समय घर की फेसिंग का ध्यान रखना चाहिए। 
  2. यदि घर का मुख्यद्वार टी-पॉइंट के सामने हो तो ऐसे घर  उपाय कराना जरुरी होता हैं। 
  3. घर की ऊंचाई इस प्रकार से होनी चाहिए की वह साउथ व  वेस्ट में ऊँचा हो। 
  4. अंडरग्राउंड वाटर टैंक को घर के नार्थ -ईस्ट में बनाना चाहिए। 
  5. ओवरहेड वाटर टैंक साउथ  वेस्ट या नार्थ वेस्ट में रखने चाहिए। 
  6. इलेक्ट्रिक मीटर फायर जोन में लगाना चाहिए।  
  7. घर के सामने कोई भी बिजली का खम्बा नहीं होना चाहिए। 
  8. हमेशा ध्यान रखें की घर की इमारत का ईशान कोण खुला रहना चाहिए , आप वहा पर गार्डन बना सकते हैं।
  9. आपके घर के सामने यदि हॉस्पिटल या मंदिर बना हो तो वह घर वास्तु की दृष्टि से अच्छा नहीं होता हैं। 
  10. घर के ईशान कोण में swimming pool का निर्माण करने से घर में हमेशा पैसों की अधिकता रहती हैं। 
  11. ड्राइंग रूम को इस प्रकार से बनाना चाहिए की कोई भी बाहर का व्यक्ति पहले यहाँ आए।  
  12. झाड़ू इत्यादि सफाई में इस्तेमाल आने वाली वस्तुओं को साउथ दिशा में रखना चाहिए। 
  13. Borewell घर के ईशान कोण में लगाना चाहिए इससे घर में पैसो का आवागमन बना रहता हैं। 
  14. घर में यदि बेसमेंट बना हो तो उसकी एंट्री अलग से होनी चाहिए। 
  15. Servant Room घर से अलग  नार्थ या ईस्ट में बना होना चाहिए। 
  16. रहने की द्रिष्टी से गऊ मुखी प्लाट ज्यादा अच्छे होते हैं। 
  17. बड़े बुजुर्गो के रहने के लिए नार्थ वेस्ट सबसे  उपयुक्त स्थान होता हैं। 

3. निष्कर्ष:

उपरोक्त लेख में हमने Vastu Tips in Hindi, Easy Vastu tips for Home के बारे में Vastushastra द्वारा बताये सभी नियमों के बारे में विस्तार से समझाया। 

यह लेख Vastu Expert Robin Goswami द्वारा लिखा गया है जोकि पिछले 11 वर्षो से लोगों का जीवन वास्तुशास्त्र के माध्यम से बदल रहे हैं। 

यदि आपका कोई प्रश्न हो तो हमे कमेंट करें और अगर यह लेख  आपको अच्छा लगा हो तो इसे शेयर करें। 

आपके कीमती समय के लिए धन्यवाद !




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