Two Sides Plot Vastu in Hindi

आज के इस लेख में हम  Two Sides Plot Vastu in Hindi के बारे में वास्तुशास्त्र के नियमों को समझेंगे, विभिन्न दिशाओं के अनुसार प्लाट अच्छा या बुरा हो सकता हैं। इसलिए हम इसके बारे में दिशाओ के अनुसार चर्चा करेंगे जिससे की आपको  Two Sides Plot Vastu in Hindi के बारे में विस्तार से समझने में आसानी हो। 

Quick Navigation:

1. Two Sides Plot Vastu in Hindi.
1.1 Plot with Roads on Two Sides North and East.
1.2 Plot with Roads on Two Sides North and South.
1.3 Plot with Roads on Two Sides North and West.
1.4 Plot with Roads on Two Sides East and West.
1.5 Plot with Roads on Two Sides South and East.
1.6 Plot with Roads on Two Sides South and West.
2. Vastu Tips for Two sides Plots in Hindi.
3.निष्कर्ष.



 1. Two Sides Plot Vastu in Hindi:

 
Two-Sides-Plot-Vastu in-Hindi

Two Sides Plot Vastu में हम ऐसे प्लॉट्स के वास्तु के बारे में बात करेंगे जोकि दो तरफ से रोड से जुड़े होते है या जिन प्लॉट्स की एंट्री दो तरफ से बनाई जा सकती हैं। ऐसे प्लॉट्स के वास्तु नियमों को समझने के लिए प्लाट की दिशा या Plot Directions के बारे में जानना बहुत ही आवश्यक होता हैं क्योकि इसकी सहायता से ही हम प्लाट वास्तु को सही प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं। 

1.  Plot with Roads on Two Sides North and East:

ऐसे प्लाट जिनके नार्थ और ईस्ट दिशा में रोड होती है या जिनका प्रवेशद्वार नार्थ या ईस्ट दोनों दिशाओं में बनाया जा सकता हैं वह प्लॉट्स वास्तु के हिसाब से बहुत ही शुभ माने जाते हैं। 

जैसा की आप जानते है घर बनाने के लिए सबसे अच्छी फेसिंग ईस्ट या नार्थ होती है इसलिए Plot with Roads on Two Sides North and East बहुत ही लाभकारी होते हैं। 

ऐसे प्लॉट्स में वास्तु के नियमो का विशेष ध्यान रखना चाहिए इससे उस जगह का सम्पूर्ण लाभ घर के लोगो को मिलता हैं। 

सम्बंधित लेख: East-facing house Vastu in Hindi. 


2. Plot with Roads on Two Sides North and South:

वास्तुशास्त्र के अनुसार ऐसे प्लाट जिनके नार्थ और साउथ में रोड होती है वह भी घर बनाने के योग्य होते है परन्तु यहा साउथ साइड में वास्तु का विशेष ध्यान रखना जरुरी होता है क्योकि वास्तुशास्त्र में साउथ दिशा को कभी खुला नहीं रखना चाहिए। 

ऐसे प्लाट जिनके नार्थ व साउथ दोनों और रोड होती है वहां हमेशा नार्थ दिशा में ही मुख्यद्वार बनाना चाहिए। 

सम्बंधित लेख: Main door Vastu in Hindi.

3. Plot with Roads on Two Sides North and West:

किसी भी प्लाट के यदि नार्थ या वेस्ट दिशा में रोड हो तो ऐसा प्लाट घर बनाने के लिए उपयुक्त होता है परन्तु ध्यान रखें की वेस्ट दिशा में मुख्यद्वार न हो और वेस्ट दिशा को पूरी तरह से बंद रखें। 

यही कारण है की two sides plot का वास्तु बहुत ही महत्वपूर्ण होता हैं। 


4. Plot with Roads on Two Sides East and West:

जिन प्लॉट्स के ईस्ट और वेस्ट की तरफ रोड होती है वहा केवल ईस्ट दिशा का ही लाभ घर को प्राप्त होता है ऐसे प्लाट में एंट्री ईस्ट दिशा से देनी चाहिए तथा वेस्ट दिशा को पूरी तरह बंद रखना चाहिए। 

हमेशा ध्यान रखें की वेस्ट दिशा में बालकनी नहीं बनानी चाहिए क्योकि वेस्ट दिशा को घर की गंदगी बाहर निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं। इसलिए ध्यान रखें की वेस्ट दिशा खुली हुई नहीं होनी चाहिए। 

सम्बंधित लेख: Vastu for Balcony in Hindi. 

5. Plot with Roads on Two Sides South and East:

ऐसे प्लाट जिनके साउथ और ईस्ट दिशा में रोड होती है वह घर बनाने के हिसाब से बहुत अच्छे नहीं होते है क्योकि ऐसे प्लाट अग्नि कोणीय बोले जाते हैं। 

अग्नि कोण वाले प्लाट घर के सदस्यों को सदा बीमार रखते है इसलिए ऐसे प्लाट को वास्तु बहुत ही ध्यान पूर्वक करना चाहिए। 

सम्बंधित लेख: Vastu for House in Hindi.

6. Plot with Roads on Two Sides South and West:

यदि किसी प्लाट के साउथ और वेस्ट दिशा में रोड हो तो ऐसे प्लाट घर बनाने के हिसाब से अच्छे नहीं होते है इसका कारण साउथ व वेस्ट दिशा होती है क्योकि वास्तु के अनुसार साउथ और वेस्ट दिशा बंद रखनी चाहिए परन्तु ऐसा प्लाट जिसके साउथ और वेस्ट में रोड होती है वहा ऐसा नहीं हो पाता। 

इसलिए जरुरी है की ऐसे प्लाट में मुख्यद्वार साउथ में रखें तथा साउथ फेसिंग हाउस वास्तु प्लान के नियमों को अपनायें। 

सम्बंधित लेख: South Facing House Vastu Plan. 

2.Vastu Tips for Two Sides Plots in Hindi:

  1. Two Sides Plot Vastu करते समय हमेशा दिशाओं का ध्यान रखना चाहिए। 
  2. यदि दिशा दोनों ओर अच्छी है तो उसका पूरा इस्तेमाल करना चाहिए ताकि दोनों दिशाओ का लाभ घर को मिले। 
  3. कभी भी ऐसे प्लाट न ले जिनके दोनों साइड रोड्स की दिशा गलत हो जैसे साउथ व वेस्ट। 
  4. यदि Two Side Plot टी-point पर आये तो उसे नहीं बनाना चाहिए। 
  5. Two Side Plot में हमेशा आकार का ध्यान रखे इससे कई समस्या हल हो जाती हैं। 
  6. हमेशा प्लाट का ढलान South to North तथा West to East रखें जिसमे South व West को North व East से ऊँचा रखें। 
  7. Two side plot के कार्नर पर किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रिक पिलर नहीं होना चाहिए। 

3. निष्कर्ष:

उपरोक्त लेख में हमने Two Sides Plot Vastu in Hindi तथा Vastu Tips for Two Sides Plot in Hindi के बारे में जाना, इनकी मदद से हम Two Sides Plot Vastu के बारे में विस्तार से समझ पाये। जिनकी सहायता से हम Plot Vastu को सही प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं। 

आशा करते है आपको हमारा लेख अच्छा लगा होगा यदि आपका कोई भी प्रश्न हो तो हमे कमेंट करे हम आपके सभी सवालों का जवाब देंगे। हमारे लेख को अपने सगे सम्बन्धियों के साथ शेयर करें ताकि उन्हें भी इसका फायदा मिले। 

लेख में यहा तक बने रहने के लिए आपका तहे दिल से शुक्रिया, आपके प्यार व आशीर्वाद के लिए आपका धन्यवाद। 

आपका वास्तु मित्र रोबिन गोस्वामी। 

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3 comments:

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