Vastu dosh | Vastu dosh ke upay [Vastu dosh in house]

हम सभी चाहते है की  हमारा घर बहुत ही सूंदर हो तथा वह ऐसा हो की हमे उसमे रहने में बहुत ही अच्छा लगे , ऐसी कामना की पूर्ती के लिए हम अपना घर वास्तु अनुसार बनाते हैं। 

परन्तु कई बार कुछ कारण होते है जिसकी वजह से हमे बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं जैसे - पैसो की समस्या , घर में कलेश रहना तथा घर के सदस्यों का बिमारियों से ग्रषित रहना। 

वास्तुशास्त्र में इन सभी समस्याओं का कारण होता है जिसे वास्तु दोष बोला जाता है , वास्तु दोष कई प्रकार के होते है और इससे विभिन्न प्रकार की परेशानियाँ घर में उतपन्न होती हैं। 

आगे लेख में हम वास्तु दोष , वास्तु दोष के उपाय तथा वास्तु दोष घर में इत्यादि के बारे में जानेगे।  

Vastu Dosh (वास्तु दोष):

Vastu-dosh


किसी भी इमारत का कोई भी स्थान वास्तु के नियमों के विपरीत बना होना 'वास्तु दोष' कहलाता हैं। वास्तु दोष कई प्रकार के होते है जैसे इमारत बनाते समय गलत स्थान पर टॉयलेट बनाना इत्यादि। या फिर पहले से बने घर में पानी, अग्नि इत्यादि से सम्बंधित चीजों को गलत जगह रखना। 

उपरोक्त कारणों में से किसी भी प्रकार का वास्तु दोष घर में रहने वाले लोगो पर अपना विपरीत असर डालता हैं। परन्तु कुछ वास्तु दोष बहुत ज्यादा असर डालते हैं। 

1. ईशान कोण में टॉयलेट:

ईशान कोण में बना टॉयलेट घर में रहने वाले लोगो के स्वास्थ्य, घर के माहौल तथा पैसो पर अपना विपरीत असर डालता है , ऐसा होने पर घर में हमेशा समस्याएँ बनी रहती हैं। इस प्रकार के वास्तु दोष को दूर करना बहुत कठिन होता है तथा इसका बहुत ही अधिक दुष्प्रभाव देखने को मिलता हैं। 

हमने टॉयलेट वास्तु के सम्बन्ध में विस्तार से लेख में समझाया है जिसको पढ़कर आप टॉयलेट वास्तु तथा इसके उपाय के सम्बन्ध में जान सकते हैं। 

2. ईशान कोण में किचन:

ईशान कोण यानि नार्थ -ईस्ट दिशा में किचन का निर्माण करना एक वास्तु दोष होता है , जैसा की आप जानते ही है वास्तु में हर एक तत्व के लिए जोन या दिशाए निर्धारित की गयी है। 

और किचन का निर्माण अग्नि तत्व में किया जाना चाहिए परन्तु ईशान कोण को Water Zone बोला जाता है और यहा जल सम्बंधित चीजों का निर्माण करना चाहिए। 

यही कारण है की जल के स्थान पर अग्नि सम्बंधित कार्य एक वास्तु दोष होता है अतः किचन का निर्माण करते समय हमेशा दिशा का ध्यान रखें। 

किचन वास्तु के सम्बन्ध में हमारा लेख पढ़ें, इसको पढ़ने के बाद आप अपने किचन को सही प्रकार बना सकते हैं। 

3. ब्रह्मस्थान में निर्माण:

वास्तु के अनुसार घर का ब्रह्मस्थान खाली तथा खुला होना चाहिए, यहा पर वास्तु पुरुष जी का पेट होता है और इस जगह किसी भी प्रकार का निर्माण जैसे -टॉयलेट , किचन , बैडरूम या दीवार इत्यादि होना वास्तु दोष उतपन्न करता हैं। 

घर के ब्रह्मस्थान में निर्माण होने से घर के मुखियाँ को बहुत गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है इसलिए ध्यान रखें की घर के अंदर ब्रह्मस्थान वास्तु दोष नहीं हो। 

ब्रह्मस्थान के सम्बन्ध में आप हमारा लेख पढ़ सकते है और इसके संबंधी सभी नियमों  कर उनका उपयोग कर सकते हैं। 


4. बैडरूम को फायर जोन में बनाना:

किसी भी घर में बैडरूम बनाना बहुत ही आवश्यक होता है परन्तु यह भी जरुरी है की बैडरूम का निर्माण वास्तु के नियमों के अनुसार किया जाए। ऐसा करने से बैडरूम को इस्तेमाल करने वाले लोग बहुत ही शांत रहते है। 

वास्तु के अनुसार Master Bedroom को घर के साउथ -वेस्ट दिशा में बनाना चाहिए तथा इसके अंदर सभी चीजे वास्तु अनुसार रखनी चाहिए। 

घर के नार्थ -वेस्ट में married couple का बैडरूम बनाया जा सकता है क्योकि इस जगह में बनाया गया बैडरूम couple के आपसी रिश्ते को मजबूत करता हैं। 

चिल्ड्रेन्स रूम या स्टडी रूम घर के ईशान कोण में बनाना चाहिए , ऐसा करने से बच्चो का पढाई में मन लगता हैं। 

उपरोक्त बताई गयी दिशाओ के आलावा किसी और जगह में या फायर जोन में किसी भी बैडरूम को बनाना वास्तु दोष उतपन्न करता है। 


5. Stairs in ईशान कोण:


घर में सीढ़ियों का निर्माण करते समय वास्तुशास्त्र के नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए , घर के वेस्ट या साउथ -ईस्ट में सीढ़ियों का निर्माण करना चाहिए। 

परन्तु घर के ईशान कोण या ब्रह्मस्थान में सीढ़ियों का होना बहुत बड़ा वास्तु दोष उतपन्न करता हैं। इसलिए हमेशा सीढ़ियों को वास्तु के नियमों के अनुसार ही बनाना चाहिए। 

सीढ़ियों के वास्तु के सम्बन्ध में हमने विस्तार से अपने लेख में समझाया है आप अधिक जानकारी के लिए इसे पढ़ सकते हैं। 

Vastu dosh ke Upay (Vastu dosh remedies):

वास्तुशास्त्र एक ऐसी कला है जिसमे हमे विभिन्न जगहों के लिए नियमो को समझाया गया है जिनसे की उस जगह की ऊर्जा सकारात्मक रहे। परन्तु जब घर बनाते समय इन नियमों की अनदेखी की जाती है तो वास्तु दोष उतपन्न होता है जोकि विभिन्न प्रकार से घर में रहने वाले लोगो पर अपना विपरीत प्रभाव डालता हैं। 

परन्तु वास्तुशास्त्र में हम वास्तु दोषों का उपाय भी कर सकते है जिससे की घर के लोगो को ज्यादा परेशानी न हो। तो आईये हम कुछ वास्तु दोषो के उपाय जानते है जो इस प्रकार से हैं। 

  1. मुख्यद्वार के सामने किसी भी प्रकार का अवरोध नहीं होना चाहिए जैसे पेड़ इत्यादि का होना। इसके उपाय के लिए घर के मुख्यद्वार पर Concave Mirror लगाने से इसका दोष समाप्त हो जाता हैं। 
  2. घर का Main Door यदि गलत दिशा में बना हो तो इसके उपाय के लिए Main Gate पर स्वस्तिक लगाना चाहिए। 
  3. घर के अंदर घुसते ही यदि टॉयलेट या सीढ़ियां दिखे तो यह वास्तु दोष होता है इसके उपाय के लिए मुख्यद्वार के अंदर टॉयलेट व सीढ़ियों के सामने कोई दीवार बनाये या फिर कुछ ऐसा रखें जिससे टॉयलेट व सीढ़ियां दिखे नहीं। 
  4. सीढ़ियों का निर्माण यदि ईशान कोण या ब्रह्मस्थान में किया गया हो तो पहली सीढ़ी के नीचे कॉपर धातु का कछुआ रखे इससे सीढ़ियों का वास्तु दोष समाप्त हो जाता हैं। 
  5. हमेशा ड्राइंग रूम या लिविंग रूम  ईशान कोण में करना चाहिए तथा यह घर में घुसते सी सबसे पहले बना होना चाहिए, परन्तु लिविंग रूम इस प्रकार से न हो तो लिविंग रूम को वास्तु अनुसार बनाने के लिए इसके अंदर की चीजे वास्तु अनुसार लगाये। 
  6. घर का ब्रह्मस्थान हमेशा खाली होना चाहिए यदि ऐसा ना हो तो इसके उपाय के लिए Center Activation कराना चाहिए। 
  7. पूजा रूम वास्तु अनुसार बनाने के लिए इसको ईशान कोण में बनाये तथा पूजा करते समय मुख ईस्ट दिशा में रखें , इसके विपरीत यदि पूजा रूम की स्तिथि हो तो वह वास्तु दोष कहलाता है इसके लिए पूजा रूम के अंदर नवग्रह यन्त्र रखें। 
  8. यदि घर के अंदर पूजा रूम व टॉयलेट एक साथ बने हो तो यह एक वास्तु दोष होता है इसके उपाय के लिए टॉयलेट के अंदर Vastu Protector तथा पूजा रूम में Energy Plate लगाए। ऐसा करने से वास्तु दोष समाप्त हो जाता हैं। 
  9. वास्तु के अनुसार घर में टॉयलेट नार्थ -वेस्ट दिशा में होने चाहिए , परन्तु किसी भी कारण से यदि टॉयलेट ईशान कोण या साउथ -वेस्ट में बना हो तो इसके लिए टॉयलेट के बाहर प्रोटेक्टर तथा टॉयलेट के अंदर Natron लगाए। 
  10. मास्टर बैडरूम को कभी भी नार्थ -ईस्ट दिशा में नहीं बनाना चाहिए ऐसा होने पर घर के सदस्य अपने मन की करते है इसके उपाय के लिए मास्टर बैडरूम के अंदर अशोका पिलर को साउथ दिशा में रखे। ऐसा करने से वास्तु दोष समाप्त हो जाता हैं। 
  11. वास्तुशास्त्र के अनुसार फायर जोन यानि -ईस्ट दिशा में बैडरूम नहीं होना चाहिए परन्तु यदि किसी घर में फायर जोन में बैडरूम बना हो तो वहा हरे रंग का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। 
  12. तिजोरी वास्तु के अनुसार ईशान कोण में रखनी चाहिए परन्तु यदि तिजोरी किसी और दिशा में रखी हो तो श्री यन्त्र तिजोरी में रखने से दोष समाप्त हो जाता हैं। 
  13. किचन या रसोईघर यदि नार्थ -ईस्ट में बने हो तो घर की महिलाएं हमेशा बीमार रहती है इसके उपाय के लिए किचन के अंदर Energy Pyramid स्थापित करें। 
  14. बालकनी को वास्तु अनुसार नार्थ या ईस्ट दिशा में बनाना चाहिए, साउथ दिशा में बनी बालकनी घर में कलह पैदा करती हैं इसलिए साउथ बालकनी के बाहर water pyramid लगाए जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा अंदर न आ पाये। 
  15. हमेशा ध्यान रखें घर के मुख्यद्वार से बेसमेंट की एंट्री जुडी न हो क्योकि यह एक वास्तु दोष कहलाता है इसके उपाय के लिए बेसमेंट के बाहर Red Elephant का जोड़ा लगाए। 
  16. पानी इत्यादि से सम्बंधित चीजे जैसे water tank इत्यादि फायर जोन में होना वास्तु दोष उतपन्न करता है , इसके उपाय के लिए फायर जोन में हरे रंग से वाटर टैंक को रंगे। 

Conclusion:


 उपरोक्त लेख में हमने Vastu Dosh तथा Vastu dosh ke upay के बारे में जाना। इनसे हमे यह समझने में मदद मिली की Vastu dosh in house क्या-क्या हो सकते है तथा उनका उपाय किस प्रकार किया जा सकता है। इसके बारे में हमने विस्तार से समझा। 

आशा करते है उपरोक्त जानकरी आपको अच्छी लगी होगी , यह जानकारी वास्तुशास्त्री रोबिन गोस्वामी द्वारा लिखी गयी है।  इसे आप ज्यादा - के साथ शेयर करे ताकि वो भी इसका लाभ ले पाये। 

आपके कीमती समय के लिए धन्यवाद। 

ये भी पढ़ें:

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any Spam link in the comment box.

INSTAGRAM FEED

@soratemplates